सारंगढ़: न्यूज रुटीन @ सारंगढ जिला पंचायत सारंगढ़-बिलाईगढ़ द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के बावजूद कर्मचारी को भारमुक्त नहीं किए जाने का मामला सामने आया है। 16 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश के पालन में हो रही देरी को लेकर जनपद पंचायत सारंगढ़ की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। आदेश के अनुसार, सहायक ग्रेड-03 बलदेव प्रसाद साहू को जनपद पंचायत बिलाईगढ़ में पदस्थ किया गया है, लेकिन संबंधित कर्मचारी को अब तक भारमुक्त नहीं किए जाने की बात कही जा रही है।
जिला पंचायत के आदेश में नवीन पदस्थापना का उल्लेख
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिला पंचायत सारंगढ़-बिलाईगढ़ कार्यालय द्वारा 16 अक्टूबर 2026 को आदेश क्रमांक 2165/जि.पं./VB-G RAM G/2026-27 जारी किया गया था। इस आदेश में संविदा कर्मचारियों की सेवा वृद्धि एवं नवीन पदस्थापना से संबंधित निर्देश दिए गए हैं। आदेश के सरल क्रमांक 20 में सहायक ग्रेड-03 बलदेव प्रसाद साहू का नाम दर्ज है। उन्हें अतिशेष पदों के रिक्त पदों पर समायोजन के तहत जनपद पंचायत बिलाईगढ़ में पदस्थ किया गया है।
आदेश जारी, लेकिन रिलीविंग में देरी क्यों?
जिला स्तर से पदस्थापना संबंधी आदेश जारी होने के बाद भी संबंधित कर्मचारी को भारमुक्त नहीं किए जाने से प्रशासनिक प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं। नियमानुसार आदेश का पालन सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होती है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब नवीन पदस्थापना का आदेश जारी हो चुका है, तो कर्मचारी को अब तक भारमुक्त क्यों नहीं किया गया?
प्रशासनिक अनुशासन पर उठे सवाल
जिला पंचायत स्तर से जारी आदेशों का समय पर क्रियान्वयन प्रशासनिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यदि किसी आदेश के पालन में विलंब हो रहा है, तो उसके कारणों का स्पष्ट होना भी आवश्यक है। इस मामले में जनपद पंचायत सारंगढ़ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी की ओर से भारमुक्त नहीं किए जाने के पीछे क्या कारण हैं, यह सामने आना बाकी है।
अब जिला प्रशासन के रुख पर नजर
मामले में अब जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं जिला प्रशासन की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यह देखना होगा कि संबंधित कर्मचारी की रिलीविंग में हो रही देरी के संबंध में क्या स्पष्टीकरण मांगा जाता है और जारी आदेश का पालन सुनिश्चित कराने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
फिलहाल, जिला पंचायत के आदेश के बावजूद कर्मचारी को भारमुक्त नहीं किए जाने का मामला प्रशासनिक कार्यप्रणाली और आदेशों के समयबद्ध क्रियान्वयन को लेकर चर्चा का विषय बना हुआ है।