न्यूज रूटीन @ बिलाईगढ़। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिलाईगढ़ की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। स्थानीय स्तर पर आरोप लगाए जा रहे हैं कि अस्पताल में मरीजों को समुचित उपचार उपलब्ध कराने के बजाय निजी अस्पतालों में रेफर करने की प्रवृत्ति बढ़ रही है। साथ ही अस्पताल की व्यवस्थाओं और चिकित्सकों के व्यवहार को लेकर भी नाराजगी व्यक्त की गई है।
जानकारी के अनुसार, 12 जुलाई 2026 की शाम गोविंदवन में हुई एक हत्या की घटना के बाद पत्रकारों की टीम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची थी। आरोप है कि उस समय ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक से घटना की जानकारी लेने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोटो और वीडियो बनाने से मना करते हुए पत्रकारों से तीखे लहजे में बातचीत की। इस व्यवहार को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।
पत्रकारों का यह भी आरोप है कि अस्पताल में रखे शव के संरक्षण की व्यवस्था संतोषजनक नहीं थी। उनका कहना है कि शव से दुर्गंध आ रही थी तथा जिस शवगृह (मॉर्चुरी) में शव सुरक्षित रखने की बात कही गई, उसकी स्थिति जर्जर बताई गई।
मामले में ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (बीएमओ) से संपर्क करने का प्रयास किए जाने का भी दावा किया गया है। वहीं जिला स्वास्थ्य अधिकारी से बातचीत में उन्होंने मॉर्चुरी की स्थिति की जानकारी लेकर आवश्यक सुधार कराने का आश्वासन देने की बात कही।
इसके अलावा कुछ लोगों ने आरोप लगाया है कि अस्पताल में आने वाले मरीजों को उनकी स्थिति गंभीर बताकर निजी अस्पतालों में भर्ती होने की सलाह दी जाती है। आरोप यह भी है कि कुछ चिकित्सक निजी क्लीनिकों से जुड़े होने के कारण मरीजों को वहां भेजते हैं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराते हुए अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं, मॉर्चुरी की व्यवस्था तथा मरीजों को रेफर किए जाने की प्रक्रिया की समीक्षा करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
(नोट: इस समाचार में उल्लेखित आरोप संबंधित पक्षों द्वारा लगाए गए हैं। इनकी स्वतंत्र एवं आधिकारिक पुष्टि होना शेष है। संबंधित अधिकारियों या चिकित्सकों का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)