Balod news : उपसरपंच जगन्नाथ साहू की पहल बनी प्रोजेक्ट की नींव

संक्षेप

बालोद जिले का नारागांव बनेगा इको-टूरिज्म हब, सियादेही जलाशय पर बैंबू राफ्टिंग से युवाओं को रोजगार के नए अवसर

उपसरपंच जगन्नाथ साहू की पहल बनी प्रोजेक्ट की नींव

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न्यूज रुटीन @ बालोद। जिला प्रशासन के विशेष प्रयासों से बालोद जिले के मनोरम प्राकृतिक वादियों को इको-टूरिज्म केन्द्र के रूप में स्थापित करने का सपना शीघ्र साकार होने वाला है।

कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार जिला प्रशासन द्वारा जिले में इको टूरिज्म को बढ़ावा देने हेतु एक बड़ा



कदम उठाया जा रहा है। जिसके अंतर्गत जिले के गुरुर विकासखण्ड के नारागांव स्थित सियादेही मंदिर के समीप मनोरम झील/जलाशय पर एडवेंचर और राफ्टिंग सेंटर स्थापित की जा रही है। इस पहल का उद्देश्य सतत पर्यटन को बढ़ावा देना और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित करना है।



बैंबू राफ्टिंग का ले सकेंगे मजा

नारागांव स्थित एडवेंचर और राफ्टिंग सेंटर में स्थानीय सामग्री एवं पारंपरिक कौशल से तैयार बाँस की राफ्ट उपलब्ध होंगी जिनका सफल परीक्षण भी किया जा चुका है। पर्यटक यहाँ राफ्टिंग, कैंपिंग, बोनफायर और स्थानीय व्यंजनों का आनंद ले सकेंगे। इसके अलावा भविष्य में ईको-कॉटेज और सूर्योदय-सूर्यास्त व्यू प्वाइंट भी विकसित किए जाएंगे, जिससे पर्यटकों को प्रकृति के बीच एक संपूर्ण आनंद का अनुभव मिलेगा। उल्लेखनीय है कि जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी ने इको टूरिज्म स्थल का निरीक्षण कर परियोजना को अंतिम स्वीकृति दी है।

नए साल से मिलेगी सुविधा

नारागांव स्थित एडवेंचर और राफ्टिंग सेंटर नए वर्ष से शुरु की जाएगी। इस तरह जिले में यह प्रयास इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने एवं स्थानीय लोगों के लिए रोजगार सृजन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। गांव के सरपंच मंजुला सिंगरामे, उप सरपंच जगन्नाथ साहू ने बताया कि प्रशासन की पहल से स्थानीय युवाओं को एक रोजगार मिलेगा। पर्यटकों के लिए आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था भी रहेगी।

उप सरपंच की सोच से खुला इको टूरिज्म बनाने का रास्ता

ज्ञात हो कि नारागांव के युवा उपसरपंच जगन्नाथ साहू की सोच के चलते नारागांव सियादेही जलाशय अब इको टूरिज्म सेंटर रूप में विकसित होने जा रहा है। उपसरपंच ने बताया कि कुछ दिन पूर्व जिला पंचायत सीईओ सिहादेवी मंदिर में निरीक्षण और दर्शन के लिए पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने उन्हें सियादेही जलाशय के बारे में भी बताया। जहां पर सियादेही झरना से उतरने वाला पानी एकत्रित होता है। 25 एकड़ से ज्यादा क्षेत्रफल में फैले हुए इस जलाशय के आसपास की प्राकृतिक सुंदरता देखने लायक है। जिला पंचायत सीईओ ने भी जब स्थल निरीक्षण किया तो उन्हें भी इस बात का भरोसा हुआ कि वाकई में इस जगह को डेवलप किया जा सकता है और फिर पंचायत प्रशासन, जिला प्रशासन, जल संसाधन विभाग, राजस्व विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के साथ मिलकर इस जगह को एक इको टूरिज्म सेंटर के रूप में विकसित करने की प्लानिंग की गई और अब यह प्रयास मूर्त रूप लेने जा रहा है।

 नए साल में इस सौगात से ग्राम वासियों में उत्साह का माहौल है। तो वहीं आने वाले 2026 में बालोद जिले के पर्यटन के नक्रो पर सियादेही मंदिर के साथ अब ये जलाशय भी बैंबू राफ्टिंग इको टूरिज्म सेंटर एक नया पहचान बनाएगा।
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