Balod News: जमीन की रजिस्ट्री में क्रांतिकारी बदलाव सरकार का ऐतिहासिक कदम : सांसद भोजराज नाग

संक्षेप

रजिस्ट्री में 10 क्रांतियां’ विषय पर बालोद में कार्यशाला सम्पन्न

जमीन की रजिस्ट्री में क्रांतिकारी बदलाव सरकार का ऐतिहासिक कदम : सांसद भोजराज नाग

विस्तृत खबरें


बालोद। कांकेर लोकसभा क्षेत्र के सांसद भोजराज नाग ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन में छत्तीसगढ़ में जमीन के पंजीयन में जो 10 क्रांतिकारी बदलाव किए गए हैं, वह सुशासन की सरकार का ऐतिहासिक कदम है। इससे आम जनता को कई परेशानियों से मुक्ति मिलेगी।
   जिला प्रशासन बालोद द्वारा पंजीयन विभाग अंतर्गत रजिस्ट्री के प्रमुख 10 सुधारों के क्रियान्वयन एवं मॉनिटरिंग हेतु कार्यशाला एवं प्रशिक्षण का आयोजन आज बालोद विकासखण्ड के ग्राम देवारभाट स्थित मांगलिक प्रांगण में किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कांकेर लोकसभा क्षेत्र के सांसद भोजराज नाग, विशिष्ट अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती तारणी पुष्पेन्द्र चन्द्राकर, नगर पालिका बालोद की अध्यक्ष श्रीमती प्रतिभा चैधरी, नगर पालिका दल्लीराजहरा के अध्यक्ष तोरण लाल साहू, नगर पंचायत गुण्डरदेही के अध्यक्ष प्रमोद जैन, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के पूर्व सदस्य यशवंत जैन, नगर पालिका बालोद के पूर्व अध्यक्ष यज्ञदत शर्मा, गणमान्य नागरिक चेमन देशमुख, पवन साहू, कृष्ण कांत  पवार, कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, अपर कलेक्टर चन्द्रकांत कौशिक सहित अन्य अतिथिगण उपस्थित थे।
 कार्यशाला में सांसद श्री नाग ने बताया कि जैसे-जैसे संपत्तियों की कीमत बढ़ी है, वैसे-वैसे आर्थिक परेशानियां भी बढ़ी हैं। ब्रिटिश कालीन पंजीयन अधिनियम 1908 तथा भारतीय स्टाम्प अधिनियम 1899 के पुराने नियम आज भी चल रहे हैं, जिससे अनेक प्रकार की व्यावहारिक दिक्कतें सामने आती हैं। ऐसे में प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में वित्त मंत्री ओ.पी. चैधरी ने इसे आधुनिकीकृत, सरलीकृत और पारदर्शी बनाने की दिशा में पहल की है जो वास्तव में प्रदेश के लोगों को बड़ी राहत देगी। इससे पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती तारणी पुष्पेन्द्र चन्द्राकर, नगर पालिका बालोद की अध्यक्ष श्रीमती प्रतिभा चैधरी, नगर पालिका दल्लीराजहरा के अध्यक्ष तोरण लाल साहू, नगर पंचायत गुण्डरदेही के अध्यक्ष प्रमोद जैन, गणमान्य नागरिक  चेमन देशमुख ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ सरकार के इस नवाचार की सराहना की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने के लिए सरकार निरंतर अच्छे फैसले ले रही है। पंजीयन के कार्य में इन 10 प्रकार की सुविधाओं से सरलीकरण और पारदर्शिता आई है, जिसका लाभ क्रेता और विक्रेता दोनों को होगा। कार्यशाला में कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने बताया कि पंजीयन विभाग द्वारा पूरी प्रक्रिया को अद्यतीकृत किया गया है, जिसमें 10 प्रकार के कार्य सम्मिलित हैं, इसमें रजिस्ट्री दस्तावेजों का स्वतः निर्माण, घर बैठे स्टाम्प सहित दस्तावेज बनाने की सुविधा, फर्जी रजिस्ट्री रोकने के लिए आधार सत्यापन, रजिस्ट्री खोज एवं डाउनलोड, घर बैठे रजिस्ट्री, रजिस्ट्री के साथ स्वतः नामांतरण, ऑनलाईन भारमुक्त प्रमाण पत्र, स्टाम्प एवं रजिस्ट्री शुल्कों का कैशलेस भुगतान, वाट्सएप सेवाएं तथा डिजिलॉकर सेवाएं शामिल हैं। उन्होंने इन सभी सुविधाओं का लाभ उठाने तथा जनमानस में व्यापक प्रचार-प्रसार करने की अपील उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों से की। इस अवसर पर  क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, अनुभागीय अधिकारी, तहसीलदार, उप-पंजीयक, अधिकारी प्रिंट व इलेक्ट्रानिक मीडिया के प्रतिनिधि आदि मौजूद थे। 

 रजिस्ट्री में ये हैं 10 नई क्रांतियाँ 

कार्यशाला में पंजीयन विभाग द्वारा 10 नये कांतिकारी परिवर्तनों के विषय में विस्तार से बताया गया, जिसमें 
1. आधार आधारित प्रमाणीकरण सुविधा - पंजीयन साफ्टवेयर को आधार लिंक किया गया है, पंजीयन के समय क्रेता-विक्रेता एवं गवाहों की पहचान आधार रिकार्ड के माध्यम से की जाएगी जिससे गलत व्यक्ति को खड़े कराकर पंजीयन नही हो सकेगा। आम जनता को फर्जीवाडे का शिकार नही होना पड़ेगा।
2. ऑनलाईन सर्च एवं डाउनलोड की सुविधा - आम आदमी वर्षों की जमा पूंजी लगाकर स्वयं का घर खरीदते है, इसलिए संपत्ती खरीदने से पहले पूरी जांच पड़ताल आवश्यक है। अभी रजिस्ट्री की जानकारी के लिए पंजीयन कार्यालय में स्वयं या वकील के माध्यम से उपस्थित होकर सर्च करना पड़ता है, ऑनलाईन सर्च का प्रावधान होने से खसरा नंबर डालते ही उस खसरे के पूर्व के समस्त लेनदेन की जानकारी एक क्लिक पर प्राप्त हो सकेगी।
 3. भारमुक्त प्रमाण पत्र की सुविधा  भार मुक्त प्रमाण पत्र एक बहुत ही आवश्यक प्रमाणपत्र है जो संपत्ति खरीदने के पूर्व  उसकी जानकारी उपलब्ध कराता है।  यह प्रमाणपत्र अब आनलाइन ही प्रदाय किया जा सकेगा। 
 4. एकीकृत कैशलेस भुगतान की सुविधा- पहले रजिस्ट्री कराने के लिए स्टाम्प शुल्क और पंजीयन शुल्क का अलग अलग जगह और समय पर भुगतान करना पड़ता था। अब स्टाम्प एवं पंजीयन शुल्क को एक साथ लिये जाने के लिए एकीकृत कैशलस सिस्टम तैयार किया गया है। स्टाम्प एवं पंजीयन शुल्क का एकसाथ सुविधानुसार क्रेडिट डेबिट कार्ड, पी०ओ०एस० मशीन, नेट बैंकिंग अथवा यू०पी०आई से फीस का भुगतान हो सकेगा।
5. व्हाट्सएप मैसेज सर्विसेज - व्हाट्सएप आज के समय में सर्वाधिक उपयोग हो रहा सोशल मीडिया प्लेटफार्म है। पंजीयन कराने वाले क्रेता-विक्रेता को अपाईन्टमेंट सहित पंजीयन होने तक सभी प्रकार के अपडेट एवं एलर्ट व्हाट्सएप में ही प्राप्त होंगे। रजिस्ट्री की प्रति भी व्हाट्सएप से ही डाउनलोड हो जायेगी। इस सुविधा के माध्यम से फीडबैक एवं शिकायतें भी व्हाट्सएप के माध्यम से की जा सकेंगी।
6.  6. डिजीलॉकर की सुविधा - रजिस्ट्री दस्तावेजों को डिजिलॉकर में सुरक्षित स्टोर किया जाएगा, ताकि आवश्यकता पड़ने पर पक्षकार को आसानी से डिजीटल प्रमाणित दस्तावेज उपलब्ध हो जाए। 
7. आटो डीड जनरेशन की सुविधा - जनता की सुविधा के लिए रजिस्ट्री को पेपर लेस बनाया गया है। ऑनलाईन दस्तावेज प्रारूप का चयन कर पक्षकार और संपत्ति विवरण दर्ज करने पर स्वतः ही दस्तावेज तैयार हो जाएगा। वही दस्तावेज पेपरलेस होकर उप पंजीयक को ऑनलाइन प्रस्तुत होगा। 
8. 8. डिजीडॉक्यूमेंट की सुविधा - कुछ दस्तावेज जिसमें स्टाम्प लगाना आवश्यक है, परन्तु पंजीयन अनिवार्य नही है जैसे कि शपथ पत्र, अनुबंध पत्र ।इनका प्रारूप ऑनलाईन डिजीडॉक्यूमेंट से तैयार कर स्टाम्प शुल्क भी डिजीटल रूप से चुकाया जा सकेगा। दस्तावेज तैयार करने और स्टाम्प के लिए अलग-अलग जगह जाने की आवश्यकता नहीं है। 
9. घर बैठे रजिस्ट्री की सुविधा - जनता की सुविधा के लिए रजिस्ट्री को पेपरलेस किया गया है। दस्तावेज का प्रारूप चयन करने से ऑनलाईन दस्तावेज तैयार हो जाएगा स्टाम्प और पंजीयन फीस ऑनलाईन चुकाकर पक्षकार पंजीयन के लिए अपाइन्टमेंट लेकर घर बैठे ही आधार प्रमाणीकरण के माध्यम से पंजीयन करा सकेंगे। रजिस्ट्री पूर्ण होते ही दस्तावेज स्वतः ही ऑनलाइन प्राप्त हो जाएगा 
10. स्वतः नामांतरण की सुविधा इत्यादि - अचल संपत्ति खरीदने के लिए पंजीयन कराया जाता है। उसके बाद उसे राजस्व रिकार्ड में अद्यतन कराना पड़ता हैं, नामांतरण की इस प्रक्रिया में महीने लग जाते थे, इस बीच वही  संपत्ति अन्य को बेच दिये जाने पर पीड़ित पक्षकारों को न्याय के लिए वर्षों इंतजार करना पड़ता है। अब पंजीयन के तुरंत बाद ही स्वतः नामांतरण होने से न केवल समय की बचत होगी बल्कि आम जनता को फर्जीवाडे का शिकार भी नही होना पड़ेगा। कार्यशाला की समाप्ति पर पंजीयन विभाग की जिला पंजीयक श्रीमती प्रियंका श्रीरंगे ने आभार व्यक्त किया।
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