न्यूज रुटीन @ बालोद । भाजपा प्रदेश महामंत्री यशवंत जैन एवं जिला भाजपा अध्यक्ष चेमन देशमुख ने मंगलवार को उपमुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव से मुलाकात कर बालोद जिले में बजट 2025-26 एवं 2026-27 में शामिल पुल-पुलिया निर्माण कार्यों को शीघ्र प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान करने की मांग की। दोनों नेताओं ने मांग पत्र सौंपते हुए कहा कि इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन से ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन, कृषि परिवहन तथा स्वास्थ्य एवं शिक्षा सुविधाओं तक पहुंच आसान होगी।
मांग पत्र में कुल 5,132.86 लाख रुपये की लागत वाली पांच प्रमुख परियोजनाओं का उल्लेख किया गया है। इनमें गुण्डरदेही विधानसभा क्षेत्र के सांकरी-कमरौद मार्ग पर तांदुला नदी में 2,442.68 लाख रुपये तथा तिलखैरी-देवरी मार्ग पर तांदुला नदी में 1,513.06 लाख रुपये की लागत से पुल निर्माण प्रस्तावित है। वहीं डौण्डीलोहारा विधानसभा क्षेत्र के पिपरखार-मरईटोला मार्ग पर खरखरा नाला में 540.26 लाख रुपये, कुसुमकसा-रेलवे स्टेशन मार्ग पर 424.92 लाख रुपये तथा चिपरा-किल्लेकोड़ा मार्ग के जूझारा नाला पर 211.94 लाख रुपये की लागत से पुल-पुलिया निर्माण का प्रस्ताव शामिल है।
यशवंत जैन ने कहा कि बरसात के दौरान नदियों और नालों में जलस्तर बढ़ने से ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी होती है। पुल-पुलियों के निर्माण से किसानों को कृषि उपज बाजार तक पहुंचाने, विद्यार्थियों को स्कूल और मरीजों को अस्पताल पहुंचने में सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि ये क्षेत्र की लंबे समय से लंबित मांगें हैं, जिनके पूरा होने से हजारों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।
जिला भाजपा अध्यक्ष चेमन देशमुख ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में ग्रामीण अधोसंरचना के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि बजट में स्वीकृत इन परियोजनाओं को शीघ्र प्रशासनिक मंजूरी मिलने से विकास कार्य धरातल पर उतर सकेंगे।
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाएगा तथा परियोजनाओं की व्यवहारिकता और निर्माण संबंधी प्रक्रियाओं का त्वरित मूल्यांकन कराया जाएगा।
ग्रामीणों को मिलेगा सीधा लाभ
विशेषज्ञों के अनुसार छोटे पुल-पुलिया ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ होते हैं। इनके निर्माण से वर्षाकाल में संपर्क बाधित होने की समस्या कम होगी, बाजार तक पहुंच आसान बनेगी और आपातकालीन सेवाओं का संचालन सुचारु रहेगा। स्थानीय ग्रामीणों ने भी परियोजनाओं को जल्द स्वीकृति देने की मांग की है।