Sarangarh news : विजय प्रभात सरल परियोजना अधिकारी की रहस्यमयी अनुपस्थिति से मचा हड़कंप!

संक्षेप

सारंगढ़-बिलाईगढ़ में महिला एवं बाल विकास विभाग पर बड़ा सवाल!

Sarangarh news : विजय प्रभात सरल परियोजना अधिकारी की रहस्यमयी अनुपस्थिति से मचा हड़कंप!

विस्तृत खबरें

न्यूज रूटीन @ सरसींवा (सारंगढ़-बिलाईगढ़):- महिला एवं बाल विकास विभाग छत्तीसगढ़ के अंतर्गत भटगांव परियोजना कार्यालय एक गंभीर विवाद में घिर गया है। दिनांक 27-02-2026 को सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 के तहत जानकारी लेने पहुँचे एक आवेदक को परियोजना अधिकारी कार्यालय में अनुपस्थित मिले। मामला अब जिला स्तर तक पहुँच गया है और प्रशासनिक हलकों में हलचल मची हुई है।
 सुबह 11 बजे पहुँचे आवेदक, अधिकारी नदारद
जानकारी के अनुसार परियोजना अधिकारी भटगांव द्वारा स्वयं आवेदक को कार्यालय में उपस्थित होकर जानकारी प्राप्त करने हेतु बुलाया गया था। आवेदक निर्धारित समय पर प्रातः 11 बजे कार्यालय पहुँचे, किंतु अधिकारी कार्यालय में मौजूद नहीं थे। उनके कर्मचारियों से पूछने पर जानकारी नहीं होना बताया गया तब दूरभाष पर संपर्क करने पर अधिकारी ने पहले स्वयं को “आधार कैंप निरीक्षण” में होना बताया तत्पश्चात “कोसमकुंडा शिविर” में होने की जानकारी दी। साथ ही सूचना व्हाट्सएप के माध्यम से भेजने का आश्वासन दिया गया जो अब तक उपलब्ध नहीं कराई गई है।



क्या वास्तव में लगा था कोसमकुंडा में आधार कैंप?
शिकायत में यह गंभीर प्रश्न उठाया गया है कि—क्या 27 फरवरी 2026 को कोसमकुंडा में वास्तव में आधार कैंप आयोजित हुआ था?, क्या परियोजना अधिकारी ने स्वयं स्थल निरीक्षण किया?, उस दिन वे किस समय से किस समय तक किन-किन स्थानों पर उपस्थित रहे?, पूरे दिन कार्यालय से अनुपस्थित रहने की अनुमति किस सक्षम अधिकारी से प्राप्त थी?, इन सभी बिंदुओं की अभिलेखीय प्रमाण सहित जांच की मांग की गई है।

विधानसभा सत्र के दौरान मुख्यालय छोड़ना — नियमों की अनदेखी- वर्तमान में विधानसभा सत्र संचालित होने के कारण सामान्यतः अधिकारियों को मुख्यालय में उपस्थित रहने के स्पष्ट निर्देश होते हैं। ऐसे संवेदनशील समय में संबंधित अधिकारी का कार्यालय से अनुपस्थित रहना, भिन्न-भिन्न जानकारी देना तथा सूचना उपलब्ध न कराना प्रशासनिक शुचिता पर प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है।

 RTI की अवहेलना या प्रशासनिक उदासीनता?
सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 के तहत मांगी गई जानकारी समय पर उपलब्ध कराना विभाग की वैधानिक जिम्मेदारी है। सूचना देने हेतु आवेदक को स्वयं बुलाना और फिर अनुपस्थित रहना, न केवल दायित्वों की अवहेलना बल्कि अधिनियम की भावना के विपरीत भी माना जा रहा है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी से निष्पक्ष जांच की मांग
प्रकरण को लेकर जिला कार्यक्रम अधिकारी, सारंगढ़-बिलाईगढ़ को लिखित शिकायत सौंपकर मांग की गई है कि— पूरे मामले की निष्पक्ष व अभिलेखीय जांच कराई जाए।
वास्तविक तथ्य सार्वजनिक किए जाएं।
दोष प्रमाणित होने पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाए।

 विभाग में मचा हड़कंप

मामला सामने आने के बाद विभागीय हलकों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। यदि जांच में शिकायत सही पाई जाती है तो यह केवल एक अधिकारी की लापरवाही नहीं, बल्कि विभागीय कार्यप्रणाली पर भी बड़ा सवाल खड़ा कर सकता है। अब सबकी नजर जिला प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है। क्या सच्चाई सामने आएगी या मामला दबा दिया जाएगा — यह आने वाला समय