Durg news : 2 साइकिल सवार बच्चे तेज रफ्तार फार्च्यूनर कार की चपेट में

संक्षेप

सड़क हादसे में दो बच्चे की मौत क्षेत्र में मातम

Durg news : 2 साइकिल सवार बच्चे तेज रफ्तार फार्च्यूनर कार की चपेट में

विस्तृत खबरें

न्यूज रुटीन @ छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के अमलेश्वर थाना क्षेत्र में हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है। 29 नवंबर को एक तेज रफ्तार फॉर्च्यूनर कार ने साइकिल सवार दो बच्चों को टक्कर मार दी, जिसमें 12 वर्षीय ताकेश्वर साहू की मौके पर ही मौत हो गई जबकि उसका 10 वर्षीय दोस्त प्रहलाद यदु गंभीर रूप से घायल है और वेंटिलेटर पर अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहा है।हादसे की भयावहता का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों बच्चे लगभग दो फीट हवा में उछल गए और फिर साइकिल समेत 20-30 मीटर तक सड़क पर घिसटते चले गए। ताकेश्वर और प्रहलाद दोनों ही अमलेश्वर के निवासी हैं, जहां से वे अपनी दादी से मिलने जा रहे थे। ताकेश्वर कक्षा 6वीं का छात्र था और प्रहलाद कक्षा 4 की पढ़ाई कर रहा था।हादसे के बाद फॉर्च्यूनर में बैठे एक व्यक्ति ने कार से उतर कर मदद की कोशिश की, लेकिन अमलेश्वर पुलिस ने इस शख्स को नजरअंदाज कर दिया। अब तक इस मामले में एफआईआर दर्ज नहीं हुई है, न ही आरोपी कार चालक और वाहन मालिक को गिरफ्तार किया गया है।ताकेश्वर के पिता रोहित साहू ने पुलिस पर कार्रवाई में देरी और पक्षपात का आरोप लगाते हुए बताया कि आरोपियों के समर्थक राजनांदगांव के एक राजनीतिक दल से जुड़े हुए हैं। पुलिस पर आरोप है कि वे राजनीतिक दबाव के कारण एफआईआर दर्ज करने से कतरा रही है। रोहित साहू ने कहा कि कई बार उन्हें मान-समझौते का ऑफर भी दिया गया, लेकिन वे न्याय के लिए संघर्ष कर रहे हैं और जब तक आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी, तब तक वे चक्काजाम जैसे आंदोलन करने के लिए तैयार हैं।रोहित साहू के मुताबिक, हादसे के समय आरोपी दो गाड़ियों में रायपुर की तरफ तेज रफ्तार से चले जा रहे थे। एक गाड़ी को थाना परिसर में रखा गया, जबकि दूसरी गाड़ी से बच्चे अस्पताल ले जाए गए और दोबारा चले गए। पुलिस ने अभी तक इन कार चालकों के खिलाफ कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।अमलेश्वर थाना प्रभारी बसंत कुमार बघेल ने बताया कि घायल बच्चे को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां एक बच्चे ने दम तोड़ दिया। मृतक का पोस्टमॉर्टम हो चुका है और मरने का मर्ग डायरी आने के बाद एफआईआर दर्ज की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि वाहन चालक हादसे के बाद भागा नहीं बल्कि उसने घायल बच्चे को अस्पताल ले जाया था। फिलहाल गिरफ्तारी नहीं हुई है, पर जल्द ही आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी।यह मामला स्थानीय प्रशासन और पुलिस की निष्क्रियता, राजनीतिक दबाव, और एक मासूम बच्चे के परिवार की न्याय की मांग के संघर्ष को उजागर करता है। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा, न्याय व्यवस्था और पुलिस खाकी के प्रति विश्वास पर सवाल खड़े कर दिए हैं।