न्यूज रुटीन @ बालोद। जिला मुख्यालय के पाररास बाईपास पर धर्मकांटा की अव्यवस्था ने यातायात को पूरी तरह ठप कर दिया है। तौल के इंतजार में सैकड़ों भारी ट्रक सड़क पर खड़े हो गए, जिससे बधमरा रेलवे फाटक तक लंबी कतारें लगीं और जाम की भयानक स्थिति पैदा हो गई। दोपहिया चालकों समेत हजारों राहगीर घंटों फंसे रहे।धर्मकांटा पर भारी लोडेड ट्रकों की भारी भरकम संख्या के कारण बाईपास सड़क के दोनों ओर पार्किंग जैसी स्थिति बन जाती है। सड़क का बड़ा हिस्सा कब्जे में चला जाता है, जिससे कार, बस और बाइक चालकों को संकरी गलियों से गुजरना पड़ता है। स्थानीय निवासी रमेश साहू ने बताया, "ट्रक चालक बीच सड़क पर ही वाहन खड़ा कर देते हैं। यातायात पुलिस कहीं नजर नहीं आती। रोजाना जाम में फंसकर समय और ईंधन बर्बाद हो रहा है।"जानकारी के मुताबिक, धमतरी से चावल लादकर बालोद के धर्मकांटा पर तौल के बाद माल रेलवे रेक में लोड किया जाता है। इस प्रक्रिया में दर्जनों ट्रक एक साथ बाईपास पर जमा हो जाते हैं, जो ट्रैफिक नियमों का खुला उल्लंघन है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिति न केवल दुर्घटना का खतरा बढ़ा रही है, बल्कि स्थानीय व्यापार और आपातकालीन सेवाओं को भी प्रभावित कर रही है।स्थानीय व्यापारी संघ के अध्यक्ष ने कहा, "धर्मकांटा को बाईपास से हटाकर अलग पार्किंग जोन बनाना जरूरी है। वरना यह जाम रोजाना की समस्या बनेगा।" नागरिकों ने कलेक्टर और यातायात विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग की है—ट्रकों के लिए डेडिकेटेड पार्किंग, सीसीटीवी निगरानी और नियमित पेट्रोलिंग। प्रशासन की ओर से अब तक कोई स्पष्ट जवाब नहीं आया है।यातायात सुचारू होने तक राहगीरों को सतर्क रहने की सलाह दी जाती है। देखने वाली बात है कि क्या प्रशासन जल्द कदम उठाएगा ।