बोड़ला,, नगर में आज से त्रिदिवसीय कबीर सद्गुरू संत समारोह का शुभारंभ हो गया है संत परंपरा और गुरु महिमा के संदेशों से ओतप्रोत इस समारोह की शुरुआत दीप प्रजल्वन के साथ में हुई ।
समारोह के प्रथम दिन आज गुरु महिमा पाठ का आयोजन किया गया जिसमें स्थानीय श्रद्धालुओं ने सहभागिता की विशेष रूप से बांधवगढ़ से पधारे महंत हरीश दास और दामाखेड़ा से महंत राजू दास ने अपने प्रवचनों के माध्यम से उपस्थित जन समूह को आध्यात्म सद्गुरू की महिमा तथा जीवन में भक्ति के महत्व से अवगत कराया। गुरु महिमा पाठ में क्षेत्र के महंत अमृत दास लाला दास रत्नेश दास दिनेश दास रामेश्वर दास आरती दास पंचू दास उपस्थित रहे ।इसके अलावाआयोजकों एवम समस्त कबीर पंथी समाज के आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉक्टर रूपनाथ मानिकपुरी के साथ सकल कबीरपंथ समाज के लोग जिनमे महिला शक्ति भी उपस्थित रहीं। रबेली क्षेत्र के सन्त रामू दास की मंडली ने भी क्षेत्रीय भाषा व लोक संगीत के मध्यम से कबीर दास जी के संदेशों को जनजन तक पहुंचाया कार्यक्रम का सफल संचालन मंच के माध्यम से श्यामू दास कर रहे हैं उनके द्वारा कार्यक्रम सम्बन्धित जानकारी दी जा रही है
प्रथम दिवस के कार्यक्रम का मुख्य गुरु महिमा के पाठ के साथ साथ महंत हरिश दास व राजू दास साहैब के प्रवचन रहे।
द्वितीय दिवस को परम पूज्य गुरु माता साहिबा सुलक्षणा देवी के आगमन होगा और उनके आगमन के उपरांत शोभा यात्रा निकाली जायेगी उनके श्रीमुख से भी कबीपंथ के बारे में प्रवचन किया जाएगा। समापन के दिवस में परम् पूज्य भानु प्रताप साहेब जी का शुभ आगमन होगा और इस दिन उनके कर कमलों से निशान पूजा भेंट बंदगी सात्विक यज्ञ चौका आरती और शादी वितरण के साथ कार्यक्रम संपन्न किया जाएगा।
इस तरह सतगुरू संत समागम समारोह में बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं संत समागम समारोह के आयोजन के विषय में बताया जा रहा है की यह आयोजन सिर्फ धर्मिक आयोजन या समारोह नहीं है इसके मध्यम से कबीर पंथ की शिक्षाओं समानता करुणा और भक्ति का जीवन्त उदाहरण है आयोजन समिति ने क्षेत्र के सभी श्रद्धालुओं से इस पावन अवसर का लाभ लेने और संत वाणी से अपने जीवन को प्रकाशितकरने की अपील की है
इस भव्य आयोजन में समस्त कबीर पंथी समाज बोड़ला परिक्षेत्र की बड़ी भूमिका है बड़ी संख्या में सभी वर्गों के लोगों के द्वारा तन मन धन से अपना योगदन कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए दिया जा रहा है ।भोजन भंडारा सेवा कार्य आयोजन व्यवस्था स्वागत सत्कार में युवाओं की भागीदारी अनुकरणीय है।