Dhamtari news : धमतरी में पानी की कमी का सच: रेत खनन व पेड़ कटाई ने बढ़ाई मुश्किलें

संक्षेप

धमतरी: रेत माफिया व पेड़ कटाई ने बढ़ाया जल संकट

Dhamtari news : धमतरी में पानी की कमी का सच: रेत खनन व पेड़ कटाई ने बढ़ाई मुश्किलें

विस्तृत खबरें

न्यूज रुटीन @ धमतरी — धमतरी जिला इन दिनों गंभीर जल संकट की ओर बढ़ता नजर आ रहा है, जहां लगातार हो रहे अवैध रेत उत्खनन और बड़े पैमाने पर वृक्षों की कटाई ने नदियों, तालाबों और भूजल स्तर पर भारी प्रभाव छोड़ा है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि कई स्थानों पर नदियों के तट से लगातार रेत हटाए जाने और जंगलों की कटाई के कारण जलधारण क्षमताएँ घट चुकी हैं; परिणामस्वरूप गर्मी के मौसम में कई गांवों के कुएँ और तालाब सूखने लगे हैं और लोगों को पेयजल के लिए दूर जाना पड़ रहा है।
पर्यावरण विशेषज्ञों का संकेत है कि रेत उत्खनन ने नदी के बेसिन की संरचना बदल दी है, जिससे पानी की सतह शीघ्र नीचे जाती है और बाढ़‑नियंत्रण व पुनर्भरण की प्राकृतिक प्रक्रियाएँ कमजोर हुई हैं। वहीं पेड़ों की कटाई ने मिट्टी‑अवक्षय और वर्षा के जल संचयन को प्रभावित किया है, जिससे स्थानीय जल‑चक्र और बारिश के पैटर्न में भी बदलाव नजर आ रहा है। इन दोनों कारकों का समेकित असर भूजल घटाने और जल‑सुरक्षा को गंभीर रूप से क्षीण करने का है।
पर्यावरण प्रेमी संगठनों और प्रभावित ग्रामीण ब्लॉक्स ने जिला प्रशासन से अवैध उत्खनन पर तात्कालिक रोक, निगरानी‑बढ़ाने और दीर्घकालिक जल संरक्षण योजनाओं जैसे नदी किनारों का पुनर्स्थापन, वनीकरण अभियान तथा नदियों‑तालाबों के वैज्ञानिक स्तर‑निरीक्षण की मांग की है। स्थानीयों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले वर्षों में जिले को पेयजल‑किल्लत और कृषि संकट का सामना करना पड़ सकता है।