न्यूज रुटीन @ रायपुर। आर्थिक तंगी के कारण सालों से बकाया पड़े बिजली बिल अब आम उपभोक्ताओं की पीठ का बोझ हल्का करेंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गुरुवार को रायपुर स्थित पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सालय के सभागार से मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026 का शुभारंभ करते हुए 28 लाख 42 हजार से अधिक उपभोक्ताओं के लिए 757 करोड़ रुपए की राहत का ऐलान किया।कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने योजना का लाभ लेने वाले पात्र उपभोक्ताओं को प्रमाण पत्र भी सौंपे और अधिक से अधिक लोगों से निर्धारित अवधि में पंजीयन कर योजना का लाभ उठाने की अपील की।
इसी मंच से उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत 2 हजार 931 हितग्राहियों को 8 करोड़ 79 लाख रुपए की सब्सिडी की राशि अंतरित कर दोहरी राहत दी।सीएम साय ने कहा कि बिजली आज हर घर की मूलभूत जरूरत है और इसके बिना सामान्य जीवन की कल्पना संभव नहीं है। कई परिवार आर्थिक कारणों से समय पर बिजली बिल जमा नहीं कर पाते, परिणाम स्वरूप सरचार्ज बढ़ता जाता है और कुल बकाया चुकाना मुश्किल हो जाता है। इसी पीड़ा को देखते हुए राज्य सरकार ने समाधान योजना लागू की है, जिसके जरिए लंबे समय से बिल नहीं भर पाने वाले निम्न और मध्यम आय वर्ग के घरेलू तथा कृषि उपभोक्ताओं को विशेष छूट देकर राहत दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि योजना के तहत प्रदेश के 28 लाख 42 हजार उपभोक्ताओं को कुल 757 करोड़ रुपए की राहत देने का प्रावधान है। कोरोना काल में आर्थिक संकट के चलते बड़ी संख्या में उपभोक्ता बिजली बिल का भुगतान नहीं कर पाए थे, जिससे बकाया राशि लगातार बढ़ती रही। अब समाधान योजना के माध्यम से ऐसे उपभोक्ताओं को सरचार्ज माफी और मूल बकाया में छूट देकर नियमित भुगतान की मुख्यधारा में वापस लाने पर जोर है।
सीएम साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2014 के बाद देश के करीब 18 हजार गांवों तक बिजली पहुंचाई गई, जिससे आजादी के बाद अंधेरे में रहे गांव भी रोशन हुए। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में अपने संसाधनों से लगभग 30 हजार मेगावाट बिजली उत्पादन किया जा रहा है और सरकार प्रदेशवासियों को निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के प्रति प्रदेश में तेजी से बढ़ती रुचि का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि अब तक लगभग 36 हजार लोग इससे जुड़ चुके हैं, जबकि महिला स्व सहायता समूह सोलर पैनल वेंडर के रूप में जुड़कर सशक्तिकरण की नई मिसाल पेश कर रहे हैं।
योजना की प्रमुख विशेषताएं
इन योजना के लाभ के लिए उपभोक्ताओं को अनिवार्य रूप से पंजीयन कराना होगा।पंजीयन के समय कुल बकाया राशि का न्यूनतम 10 प्रतिशत भुगतान जरूरी होगा, शेष राशि का भुगतान किस्तों में किया जा सकेगा।नियमानुसार भुगतान करने पर आगामी माह में किसी प्रकार का अतिरिक्त अधिभार नहीं जोड़ा जाएगा।योजना 30 जून 2026 तक प्रभावशील रहेगी, इस अवधि में पंजीयन और भुगतान करने वाले उपभोक्ता ही लाभ के पात्र होंगे।
किन उपभोक्ताओं को और क्या छूट योजना में उपभोक्ताओं को तीन श्रेणियों में बांटा गया है –31 मार्च 2023 की स्थिति में निष्क्रिय उपभोक्ता।सक्रिय एकल बत्ती कनेक्शनधारी घरेलू उपभोक्ता।सक्रिय अशासकीय घरेलू एवं अशासकीय कृषि उपभोक्ता।इन श्रेणियों के लिए प्रावधान:अधिभार (सरचार्ज) की राशि में 100 प्रतिशत तक छूट।मूल बकाया राशि में 75 प्रतिशत तक की छूट, शर्तों का पालन और नियत समय सीमा के भीतर भुगतान पर।बिजली बचत की अपील और निर्देश सीएम साय ने नागरिकों से घरेलू बिजली के अनावश्यक उपयोग से बचने और ऊर्जा संरक्षण को आदत बनाने की अपील की। उन्होंने ऊर्जा विभाग के अधिकारियों को समाधान योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए बधाई देते हुए निर्देश दिए कि शिविरों के आयोजन और व्यापक जन-जागरूकता अभियान के माध्यम से अधिक से अधिक उपभोक्ताओं को योजना से जोड़ा जाए।कार्यक्रम में रायपुर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा, रायपुर नगर निगम महापौर मीनल चौबे, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल, ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव सहित बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी और विद्युत उपभोक्ता उपस्थित रहे।