न्यूज रूटीन @ सारंगढ़-बिलाईगढ़। छत्तीसगढ़ के जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ की तहसील सरसीवा के ग्राम पंचायत किसडा में 2018-19 में बनकर तैयार विला जलाशय का पानी अब तक खेतों तक नहीं पहुंच पाया है। जलाशय से निकलने वाली मुख्य नहर और उप-नहरों का निर्माण कार्य लंबे समय से लटका हुआ है, जिससे आसपास के दर्जनों गांवों के सैकड़ों किसान परेशान हैं।प्रभावित गांवों में हाहाकार
किसडा, धोबनी, बेंगपाली, क्षेत्र सहित आसपास के कई गांवों के किसानों को नहर न बनने से सिंचाई सुविधा का इंतजार है। जलाशय में हर मानसून पर्याप्त पानी भरने के बावजूद नहरों की कमी से रबी और खरीफ दोनों फसलों का नुकसान हो रहा है। स्थानीय किसान रामू साहू ने बताया, "जलाशय तो भर-भरकर पानी ले लेता है, लेकिन नहर न होने से खेत सूखे पड़े रहते हैं। बिना सिंचाई के हमारी खेती का क्या भविष्य?" वहीं, धोबनी के किसान नेता लक्ष्मण यादव बोले, "सात साल हो गए, नहर का निर्माण कब शुरू होगा?"किसानों की मांग: तत्काल मंजूरी दें शासन
पीड़ित किसानों ने जिला प्रशासन, सिंचाई विभाग और शासन से मांग की है कि नहर निर्माण को शीघ्र मंजूरी देकर काम शुरू कराया जाए। उनका कहना है कि इससे न केवल रबी-खरीफ में खेतों तक पानी पहुंचेगा, बल्कि जलाशय का पूरा उद्देश्य साकार होगा। एक किसान ने चेतावनी दी, "अगर देरी जारी रही, तो जलाशय बेकार की संपत्ति बन जाएगा।"ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि जिला कलेक्टर और सिंचाई अधिकारी इस लंबित प्रोजेक्ट पर त्वरित कार्रवाई करेंगे, ताकि किसानों को आगामी रबी सीजन से राहत मिल सके। विभागीय सूत्रों के अनुसार, प्रस्ताव पर विचार चल रहा है, लेकिन कोई आधिकारिक बयान अभी तक नहीं आया है।