न्यूज रुटीन @ बिलासपुर/कोरबा। मस्तूरी थाना पुलिस ने गेवरा माइंस से निकलने वाले उच्च गुणवत्ता वाले कोयले में व्यवस्थित मिलावट का पर्दाफाश करते हुए एक कोल डिपो संचालक, दो ट्रेलर मालिक और एक चालक—कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। आरोपियों के कब्जे से तीन ट्रेलर, एक रोलर मशीन और लगभग 30 टन कोयला जब्त किया गया है।
श्यामा विहार चिल्हाटी निवासी कप्तान सत्यनारायण की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया था। शिकायत में बताया गया कि एसीसीएल कोरबा से 30 हजार टन कोयले की आपूर्ति का ऑर्डर था और एसी आपूर्ति एसएम इंटरप्राइजेस के माध्यम से स्टील एंड पावर लिमिटेड के प्लांट तक ट्रेलरों द्वारा की जा रही थी।
पुलिस ने बताया कि 17 जून की रात से 18 जून की सुबह के बीच प्लांट पर पहुंचे कुछ ट्रेलरों की जांच के दौरान वाहन क्रमांक सीजी-10 ईसी-5488, सीजी-10 बीटी-6138 और सीजी-15 ईजी-5055 में उच्च गुणवत्ता वाले कोयले की जगह घटिया गुणता का मिलावटी कोयला पाया गया। जांच शुरू होते ही इन ट्रेलरों के चालक मौके से फरार हो गए।
प्रारंभिक जांच से यह संकेत मिले हैं कि रास्ते में कोयला उतारकर उसकी जगह कम गुणवत्ता वाला कोयला भरने की संगठित साजिश चल रही थी। पुलिस ने घटनास्थल पर मौजूद साक्ष्यों के आधार पर संबंधित व्यक्तियों की पहचान कर कार्रवाई की और संदिग्धों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से तीन ट्रेलर, एक रोलर मशीन और लगभग 30 टन कोयला बरामद हुआ है।
मस्तूरी थाना अधिकारीयों ने बताया कि मामले की गहन जांच जारी है और इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी तलाश की जा रही है। अधिकारियों ने कहा कि यह कार्रवाई कोयला परिवहन में होने वाली अनियमितताओं पर की गई बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।
ऐसे मामलों से आपूर्ति श्रृंखला की विश्वसनीयता प्रभावित होती है और ग्राहक—विशेषकर औद्योगिक उपभोक्ताओं—को आर्थिक व संचालन संबंधी नुकसान उठाना पड़ सकता है। घटिया कोयला के प्रयोग से संयंत्रों पर तकनीकी प्रभाव और प्रदूषण भी बढ़ सकता है। पुलिस ने साक्ष्य संरक्षित कर आगे की विधिक कार्रवाई और संभवतः विस्तृत फोरेंसिक परीक्षण कराए जाने की बात कही है।