Raigarh news : रायगढ़ में धान खरीदी घोटाले की आशंका: सत्यापन में लापरवाही, पटवारी निलंबित!

संक्षेप

धान खरीदी योजना में लापरवाही पर हल्का पटवारी निलंबित...

Raigarh news : रायगढ़ में धान खरीदी घोटाले की आशंका: सत्यापन में लापरवाही, पटवारी निलंबित!

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न्यूज रुटीन @ रायगढ़, 24 दिसंबर 2025। छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी धान खरीदी योजना में गंभीर लापरवाही पकड़े जाने पर ग्राम कमरगा के हल्का पटवारी जितेंद्र भगत को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के सख्त निर्देश पर लैलूंगा एसडीएम ने यह कार्रवाई की। निलंबन के दौरान पटवारी को तहसील मुख्यालय लैलूंगा में संलग्न किया गया है, जहां छत्तीसगढ़ सिविल सेवा मूलभूत नियम 53 के तहत जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा।सत्यापन में अधूरे पंचनामा, किसानों का धान उत्पादन अनिश्चितखरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए 15 नवंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक चल रही धान खरीदी में राज्य सरकार ने पंजीकृत किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर उपार्जन के सख्त निर्देश जारी किए हैं। रायगढ़ जिले जैसे धान उत्पादन के प्रमुख क्षेत्र में सभी पटवारियों और ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों (AEO) को किसानों के खेतों का भौतिक सत्यापन अनिवार्य किया गया था, ताकि फर्जी पंजीकरण या अधिक उत्पादन का दावा रोका जा सके।22 दिसंबर को कमरगा ग्राम के सत्यापन की जानकारी मांगी गई, तो जितेंद्र भगत ने केवल तीन किसानों के पंचनामा ही जमा किए। इनमें महज नाम और हस्ताक्षर थे - न खेत का क्षेत्रफल, न उत्पादन अनुमान, न फसल की स्थिति का विवरण। अतिरिक्त पूछताछ पर भी कोई संतोषजनक जवाब न मिलने से जांच शुरू हुई, जिसमें उनकी उदासीनता साबित हुई।कदाचार के आरोप, प्रशासन की सख्ती का संदेशजांच रिपोर्ट में पाया गया कि पटवारी ने शासन के स्पष्ट निर्देशों की अवहेलना की, जो छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1966 के नियम 3 का सीधा उल्लंघन है। यह कदाचार की श्रेणी में आता है, जो न केवल योजना की पारदर्शिता को प्रभावित करता है, बल्कि लाखों किसानों के हितों को खतरे में डाल सकता है। रायगढ़ जिले में अब तक 50 लाख क्विंटल से अधिक धान उपार्जित हो चुका है, और ऐसी लापरवाही से घोटाले की आशंका बढ़ गई है।कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने सभी पटवारियों को चेतावनी दी है कि सत्यापन में कोई ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी। जिले में अब डिजिटल सत्यापन ऐप और रैंडम चेकिंग को तेज किया जा रहा है। निलंबन के बाद पटवारी के खिलाफ आगे अनुशासनात्मक कार्रवाई की संभावना है।किसानों पर प्रभाव: MSP सुनिश्चित करने की चुनौतीयह घटना धान खरीदी की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करती है। कमरगा जैसे ग्रामीण क्षेत्रों में सैकड़ों किसान MSP का इंतजार कर रहे हैं। यदि सत्यापन कमजोर रहा, तो नकली दावों से वास्तविक किसानों का नुकसान हो सकता है। सरकार ने इस सीजन के लिए 70 लाख मीट्रिक टन धान उपार्जन का लक्ष्य रखा है, जिसमें रायगढ़ का योगदान महत्वपूर्ण है।