Raigarh news : रायगढ़ पुलिस ने महिला वकील आराधना सिदार हत्याकांड में लोकनाथ पटेल के खिलाफ मजबूत एविडेंस पेश किया

संक्षेप

रायगढ़ में खुलासा: आराधना सिदार की हत्या—लोकनाथ पटेल के कब्जे से डिजिटल व भौतिक सबूत बरामद

Raigarh news : रायगढ़ पुलिस ने महिला वकील आराधना सिदार हत्याकांड में लोकनाथ पटेल के खिलाफ मजबूत एविडेंस पेश किया

विस्तृत खबरें

न्यूज रुटीन @ रायगढ़, 17 मई — वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने 16 मई, 2026 को पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान महिला वकील आराधना सिदार की हत्या के मामले का खुलासा किया। प्रेस वार्ता में पुलिस ने कहा कि जांच के दौरान प्राप्त तकनीकी विश्लेषण, आरोपी के बयान और बरामद भौतिक साक्ष्यों के आधार पर अभियोजन के लिए पर्याप्त और मजबूत सबूत उपलब्ध हैं, जो न्यायालय में prosecution को मजबूत करेंगे।
प्रमुख बातें:
परिचय व संपर्क: जांच में पता चला कि आरोपित लोकनाथ पटेल का सर्वप्रथम परिचय वर्ष 2024 के नवंबर माह में फेसबुक के माध्यम से मृतका आराधना सिदार से हुआ। दोनों ने मोबाइल नंबर साझा कर नियमित रूप से बात करनी शुरू कर दी और आपसी मित्रता बढ़ने लगी।
आरोपी का आपराधिक प्रकरण: लोकनाथ पटेल पर पहले भी 18 मई, 2025 को एक दुष्कर्म प्रकरण दर्ज हुआ था, जिसमें एक महिला (रायपुर निवासी) ने नौकरी का प्रलोभन देकर रायगढ़ बुलाकर दुष्कर्म करने की शिकायत की थी। उस प्रकरण में लोकनाथ को गिरफ्तार कर रिमांड पर भिजवाया गया था। वह रायगढ़ जेल में बंद रहा और 28 फरवरी, 2026 को जमानत पर रिहा हुआ।
घटना तक की प्रवृत्ति: जमानत पर रिहा होने के बाद पुनः लोकनाथ की मृतका आराधना से नजदीकी बढ़ी। पुलिस ने बताया कि आरोपी पहले से विवाहित था; आराधना द्वारा शादी का दबाव बढ़ने पर आरोपी ने सुनियोजित तरीके से हत्या करने व साक्ष्य नष्ट करने की योजना बनाई।
वारदात का तरीका और छल-कपट: घटना के बाद आरोपी ने मृतका के मोबाइल फोन का उपयोग कर उसके घर के सदस्यों और सहेलियों से महिला की आवाज में कॉल कर उन्हें गुमराह किया ताकि किसी को घटना का पता न लगे। पुलिस ने आरोपी से पुष्टि कराई तो उसने स्वीकार किया कि उसने ही मृतका के मोबाइल से उनके परिजनों व एक महिला वकील से महिला की आवाज में बातचीत कर भ्रम फैलाया।
बरामद साक्ष्य: आरोपी के कब्जे से मृतका का उपयोग हो रहा मोबाइल फोन, घटना के समय पहने कपड़े, कॉल रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण भौतिक व डिजिटल साक्ष्य जब्त किए गए हैं। पुलिस ने कहा कि सभी साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत किये जाएंगे।
सोशल मीडिया पर गलत जानकारी: घटना के खुलासे के बाद सोशल मीडिया पर भ्रम फैला दिया गया। रायगढ़ पुलिस ने स्पष्ट कहा है कि मामले से जुड़ी भौतिक और डिजिटल एविडेंस पुलिस के पास मौजूद हैं। पुलिस ने आग्रह किया कि कोई भी व्यक्ति यदि इस प्रकरण से जुड़ा कोई साक्ष्य रखता है तो वह सीधे पुलिस के पास आकर विवेचना में सहयोग करें; तथ्यहीन पोस्ट करने से मामले की जाँच प्रभावित हो सकती है।
वकीलों की प्रतिक्रिया: मृतका आराधना वकील श्री भुनेश्वर बंद गोस्वामी के अधीन प्रैक्टिस कर रही थीं। वरिष्ठ अधिवक्ता श्री भुनेश्वर बंद गोस्वामी तथा उनके साथियों फूल सिंह यादव ने जांच के दौरान उपस्थित रहकर जांच प्रक्रिया को देखा और वे जांच कार्यवाही से संतुष्ट दिखाई दिए। उन्होंने मीडिया को अपने बाइट में मामला स्पष्ट करते हुए प्रतिक्रिया दी।
पुलिस का वर्तमान रुख और आगे की कार्रवाई:
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने कहा कि मामले की विवेचना जारी है और तकनीकी तथा फोरेंसिक रिपोर्ट आयी तो और विवरण साझा किया जाएगा।
पुलिस ने स्थानीय नागरिकों से शांति बनाए रखने का अनुरोध किया और अपील की कि सोशल मीडिया पर अफवाहें और अटकलें न फैलायी जाएँ।
यदि सार्वजनिकता या संदिग्ध जानकारी रखने वाले किसी व्यक्ति के पास ठोस साक्ष्य हो तो पुलिस उनसे संपर्क करने का अनुरोध कर रही है; सूचना गोपनीय रखी जाएगी।