न्यूज रूटीन @ रायपुर। नया रायपुर विकास प्राधिकरण (NRDA) द्वारा प्रस्तावित टाउनशिप परियोजना को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। परियोजना के लिए जारी टेंडर, 200 एकड़ भूमि आवंटन और इसकी अनुमानित कीमत को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आरोपों में टेंडर प्रक्रिया की पारदर्शिता और परियोजना की आवश्यकता पर सवाल उठाए गए हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, NRDA ने रायपुर और नया रायपुर के बीच टाउनशिप विकसित करने के लिए टेंडर जारी किया है। आरोप है कि इस परियोजना के तहत निर्माण एजेंसियों को विकास कार्य के बदले लगभग 200 एकड़ भूमि देने का प्रस्ताव रखा गया है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब ₹6000 करोड़ बताई जा रही है। आरोप लगाने वालों का कहना है कि परियोजना की उपयोगिता और औचित्य स्पष्ट नहीं है तथा इससे सरकारी संपत्ति को नुकसान हो सकता है।
आरोपों में यह भी दावा किया गया है कि परियोजना के माध्यम से एक प्रभावशाली राजनीतिक परिवार से जुड़े व्यक्ति को लाभ पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्ष की ओर से भी इस संबंध में कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
कुछ आरोपों में यह भी कहा गया है कि NRDA के कुछ अधिकारियों और ठेकेदारों की कथित मिलीभगत से परियोजना को आगे बढ़ाया जा रहा है। साथ ही पूर्व में सामने आए कुछ मामलों का भी उल्लेख करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।
इस पूरे मामले के सामने आने के बाद टेंडर प्रक्रिया की पारदर्शिता, भूमि आवंटन के मानदंड और सरकारी संपत्ति के उपयोग को लेकर सवाल उठ रहे हैं। अब निगाहें राज्य सरकार और संबंधित जांच एजेंसियों पर हैं कि वे इन आरोपों की जांच कर स्थिति स्पष्ट करती हैं या नहीं।
(नोट: इस समाचार में उल्लिखित आरोप संबंधित पक्षों द्वारा लगाए गए दावों पर आधारित हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है तथा संबंधित पक्ष का पक्ष उपलब्ध होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)