न्यूज रूटीन @ मोहला । एक तरफ शासन प्रशासन खेत बचाओ जैसे अभियान चलाकर जैविक खेती को प्रोत्साहित करने में लगी है वहीं दूसरी ओर कृषि विभाग ऐसी योजनाओं में खानापूर्ति करती नजर आ रही है। ज्ञात हो कि अम्बागढ़ चौकी विकाशखण्ड के ग्राम पंचायत टाटेकसा को आर ए डी के तहत के तहत चुना गया था। जहां पर किसानों को वर्मी टंका निर्माण, जैविक खाद बनाना और कोदू कुटकी उत्पादन बढ़ाने प्रोत्साहित किया जाना था। लेकिन ब्लाक अधिकारी कर्मचारी द्वारा इसे धरातल पर आधा अधूरा छोड़ दिया गया है। खाद टैंक अभी से टूट फूट रहे है, मिलेट्स फसल का अता पता नहीं है।
क्या है वर्मी टंका निर्माण योजना
आर ए डी योजना जो केंद्र सरकार के द्वारा चलाई जा रही योजना है जिसके अंतर्गत वर्मी टांका बनाने का उद्देश्य किसानों के खेतों में ही केंचुआ खाद (वर्मी कम्पोस्ट) इकाई स्थापित करना है, ताकि उन्हें जैविक खाद के लिए बाहर न जाना पड़े और वे अपनी खेती में जैविक खेती को बढ़ावा दे सके। जिसके लिए इस योजना में वित्तीय सहायता और सब्सिडी का प्रावधान है।
100 हितग्राहियों का किया गया चयन
ग्राम पंचायत टाटेकसा सहित उसके आश्रित ग्राम में लगभग 100 हितग्राहियों का चयन इस योजना के तहत किया गया। वर्मी टंका निर्माण के लिए 12,500 की राशि सीधे हितग्राहियों के खाते में डाली गई है साथ ही चाप कटर मशीन के लिए भी राशि जारी की गई। जिस चाप कटर की खरीदी की गई है उसके मार्केट रेट और जारी की गई राशि में बढ़ा अंतर है।
संबधित अधिकारी एक दूसरे पर थोप रहे है जिम्मेदारी
जब गुणवक्ताहीन वर्मी टंकी के विषय मे वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी टी. आर. सलामे से जानकरी लेने चाही तो उनके द्वारा जिला अधिकारी से जानकारी लेने बोला गया तो वही कृषि विभाग उपसंचालक एन. एल. मंडावी ने ब्लाक अधिकारी के ऊपर जिम्मेदारी को थोप दिया गया इस तरह दोनो ही अधिकारी मामले से बचते नजर आ रहे है ।