Raipur news : 100 करोड़ से अधिक के सड़क नवीनीकरण टेंडर में पारदर्शिता पर उठे सवाल, ठेकेदारों में नाराजगी

संक्षेप

सड़क नवीनीकरण या नियमों का खेल? 100 करोड़ के टेंडर पर उठे गंभीर सवाल

Raipur news : 100 करोड़ से अधिक के सड़क नवीनीकरण टेंडर में पारदर्शिता पर उठे सवाल, ठेकेदारों में नाराजगी

विस्तृत खबरें

न्यूज रुटीन @ रायपुर — नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (NRANVP) द्वारा जारी 100 करोड़ रुपये से अधिक के सड़क मरम्मत टेंडर की तकनीकी पात्रता शर्तों पर Builders Association of India (BAI), रायपुर सेंटर ने आपत्ति जताई है और कहा है कि शर्तें किसी खास ठेकेदार को लाभ पहुंचाने के लिए बनाई गई हैं। एसोसिएशन ने जल्द संशोधन की मांग करते हुए NRANVP को औपचारिक पत्र भेजा है।

विस्तार

NRANVP द्वारा जारी NIT क्रमांक 06/SRCS/EEC-III/CE/NRANVP/2025-26 (दिनांक 24 अप्रैल 2026) के तहत शुरू किए गए सड़क मरम्मत व नवीनीकरण के टेंडर पर विवाद गहराता जा रहा है। टेंडर की कुल कीमत 100 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है और इसमें शामिल तकनीकी पात्रता शर्तों को लेकर Builders Association of India (BAI), रायपुर सेंटर ने आपत्ति दर्ज कराई है।

आपत्ति

BAI रायपुर सेंटर का आरोप है कि टेंडर में यह अनिवार्य किया गया है कि ठेकेदार के पास किसी एक प्रोजेक्ट में 4-लेन बिटुमिनस सड़क का नवीनीकरण, मिलिंग व पुराने बिटुमिनस लेयर का प्रोफाइल सुधार तथा रोड फर्नीचर का अनुभव होना चाहिए। एसोसिएशन का कहना है कि यह शर्त अत्यधिक सीमित और व्यवहारिकता से परे है क्योंकि कई अनुभवी कंपनियों के पास ये सभी तत्व अलग-अलग परियोजनाओं में हैं, न कि एक ही परियोजना में।
प्रभाव और आशंकाएँ
कई प्रतिष्ठित सड़क निर्माण कंपनियां, जो NHAI, MORTH, PWD और अन्य सरकारी एजेंसियों के बड़े प्रोजेक्ट कर चुकी हैं, केवल इस कारण टेंडर प्रक्रिया से बाहर हो सकती हैं।

BAI ने बताया कि सामान्य सरकारी टेंडरों में इतनी कठोर एकीकृत शर्तें दुर्लभ होती हैं और इससे निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा प्रभावित होती है।
एसोसिएशन ने आशंका व्यक्त की है कि नियम किसी पूर्वनिर्धारित ठेकेदार को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से तैयार किए गए हो सकते हैं, जो पारदर्शिता के प्रश्न उठाते हैं।

प्रमुख मांगे 

BAI ने NRANVP अध्यक्ष को पत्र लिखकर तकनीकी पात्रता शर्तों में संशोधन या करिजेंडम जारी करने की मांग की है ताकि शर्तें अधिक व्यावहारिक और व्यापक हों और अधिक योग्य ठेकेदार बोली में भाग ले सकें।
एसोसिएशन ने सुझाव दिया है कि अनुभव को "किसी एक परियोजना में" के बजाय "कुल अनुभव/विभिन्न संबंधित परियोजनाओं के योग" के रूप में स्वीकार किया जाए।


स्थानीय प्रतिक्रिया

इस मामले के बाद निर्माण एजेंसियों और ठेकेदारों के बीच चर्चा तेज हो गई है। ठेकेदार वर्ग का कहना है कि यदि समय रहते संशोधन नहीं होता तो कानूनी चुनौती या शिकायतें उठ सकती हैं, जिससे टेंडर प्रक्रिया में देरी या अदालत जाने की स्थिति बन सकती है।