न्यूज रुटीन @ शक्ति की दवाई दुकानों में पुलिस की दबीस, नशीली टैबलेट या सिरप बेची तो खैर नहीं, तो यह है पुलिस का टारगेट, जाने शक्ति की किन दवाई दुकानों को खंगाला और क्या मिला ॽ
शक्ति। क्षेत्र में नशे के बढ़ते अवैध कारोबार पर रोक लगाने की दिशा में पुलिस अधीक्षक अंकित शर्मा जी अपनी पदस्थापना के बाद से ही सतत प्रयास कर रही है। अवैध शराब के व्यवसाय के विरुद्ध पुलिस द्वारा की गई लगातार और कठोर कार्रवाई ने काफी हद तक अवैध शराब के व्यवसाय पर अंकुश लगाया है। अब पुलिस अधीक्षक अंकित शर्मा ने ड्रग्स के रूप में लिए जाने वाले सूखे नशे और टैबलेट के विरुद्ध अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं और औषधि विभाग को साथ लेकर कार्रवाई करने पुलिस अधिकारियों को उनके द्वारा कहा गए हैं। शहर में बढ़ते नशे के विरुद्ध, विशेष कर युवा वर्ग जो की लगातार ऐसी प्रतिबंधित दावों का सेवन करके न सिर्फ अपना स्वास्थ्य और भविष्य बर्बाद कर रहे हैं, बाला की अपराध की और भी प्रवृत्त होते हैं, इसके लिए पुलिस अधीक्षक अंकित शर्मा जी ने प्रभावी अभियान चलने के निर्देश पुलिस अधिकारियों को दिए । इस तारतम्य मैं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रमा पटेल जी के मार्ग निर्देशन में आज एसडीओपी शक्ति मनीष कुंवर ने औषधि विभाग के निरीक्षक सुमित परिहार और शक्ति पुलिस से उप निरीक्षक अनवर अली और उप निरीक्षक समीर डुंगडुंग टीम के साथ नगर के मेडिकल स्टोर्स में चेकिंग का विशेष अभियान चलाया इन दुकानों पर दि दबिस - इस अभियान के दौरान शक्तिनगर में स्थित खेतान मेडिकल, श्याम मेडिकल, डालमिया मेडिकल, अशोक मेडिकल, रतिया मेडिकल, और गायत्री मेडिकल एवं दवा स्टोरेज को धमकी औचक चेकिंग की गई। क्या देखा चेकिंग के दौरान इस चेकिंग में दवा दुकानों का लाइसेंस प्रोपराइटर की जानकारी फार्म इसटिकल के संचालक की डिग्री और वेद दस्तावेज दावों की स्टॉक पंजी विशेष कर एन आर ए आर एक्स नारकोटिक ड्रग्स के संबंध में रखे जाने वाले h1 रजिस्टर स्टॉक पंजी खरीदी बिक्री की पंजी और मेडिकल प्रिसक्रिप्शन का रिकॉर्ड रखने संबंधित दस्तावेज चेक किया गया कई दवा दुकानों में एक्सपायरी हो चुकी दवाइयां और मेडिकल किट स्टॉक में पाई गई जिन्हें विधि व डिस्पोजल पर्यावरण अनुकूल करने या कंपनी को वापस करने की हिदायत दी गई बिगाड़ दो वर्षो की खरीदी बिक्री का रिकॉर्ड रसीद और पंजी का लगातार साधारण करने बताया गया इस दौरान नारकोटिक्स ड्रग्स विशेष कर ऐसी दवाई जिनका लोग नशे के लिए इस्तेमाल करते हैं जैसे आल्फोसल नाइट्रो आदि उनके सब्सिडिरी को चेक कर दवा विक्रेता को सख्त हिदायत दी गई कि बिना वेद मेडिकल प्रिसक्रिप्शन और रिगार्ड को उचित तरीके से संधारित किए बिना ऐसे दावों के विक्रय करने पर एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी ।