न्यूज रुटीन @ सारंगढ़-बिलाईगढ़ / सरसींवा भिनोदा ग्राम पंचायत में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत मिलने वाले चावल की चोरी का मामला एक बार फिर प्रकाश में आया है। इस घटना ने खाद्य सुरक्षा प्रणाली की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों ने इसे संगठित चोरी बताते हुए संबंधित विभाग के अधिकारियों पर मिलीभगत का संदेह जताया है।सूत्रों के अनुसार, वियरहाउस बंदारी से ट्रक क्रमांक CG 04 JD 1016 (मालिक– जनम ट्रांसपोर्ट एंड कॉन्ट्रेक्टर) के माध्यम से चावल भेजा गया था। वियरहाउस में जहां 30,100 किलोग्राम चावल तौला गया, वहीं भिनोदा सोसायटी पहुंचने पर वजन घटकर 29,960 किलोग्राम रह गया। कुल 140 किलोग्राम का यह अंतर परिवहन के दौरान हुई संभावित चोरी की ओर संकेत करता है।जब सोसायटी में 386 बोरियों का वितरण हुआ, तो वजन के हिसाब से 19,300 किलोग्राम चावल होना चाहिए था। परंतु खाली ट्रक का वजन दोबारा कराने पर यह केवल 19,160 किलोग्राम पाया गया। इस प्रकार लोडिंग से अनलोडिंग तक कुल 140 किलोग्राम चावल गायब मिला।ग्रामीणों ने उठाए सवालसरपंच और ग्रामीणों के अनुसार यह पहली बार नहीं है जब ऐसा मामला सामने आया हो। जून माह में भी एक ट्रक चालक को ग्रामीणों ने पीडीएस चावल चोरी के आरोप में पकड़ा था, जिसकी वीडियो रिकॉर्डिंग भी सोशल मीडिया पर चर्चा में रही। कलेक्टर ने उस समय जांच के निर्देश दिए थे, मगर अब तक कोई रिपोर्ट सामने नहीं आई।ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से बिना वजन जांचे ट्रक खाली कराए जा रहे हैं, जिससे पंचायतों की सोसायटियाँ भारी नुकसान में पहुंच गई हैं। वहीं प्रशासन इन घाटों की भरपाई सोसायटी संचालकों से वसूल रहा है, जबकि असली गड़बड़ी परिवहन और वियरहाउस स्तर पर हो रही है।कठोर कार्रवाई की मांगस्थानीय निवासियों ने कहा कि यह चोरी कोई सामान्य घटना नहीं बल्कि संगठित लूट का हिस्सा लगती है, जिसमें ट्रांसपोर्टर, ट्रक चालक और गोदाम कर्मियों की मिलीभगत से इनकार नहीं किया जा सकता। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।साथ ही उन्होंने वियरहाउस से सोसायटी तक डिजिटल वेटिंग सिस्टम, GPS ट्रैकिंग और पुराने सभी मामलों की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक जिम्मेदारों पर ठोस कार्रवाई नहीं होगी, तब तक गरीब परिवारों का हक बाजार में ही बिकता रहेगा।