न्यूज रुटीन @ सरसींवा (सारंगढ़-बिलाईगढ़):- जिले के महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत भटगांव परियोजना एक बार फिर विवादों के केंद्र में है। अतिरिक्त कलेक्टर न्यायालय, सारंगढ़-बिलाईगढ़ द्वारा पारित आदेश की अवहेलना करने के आरोप में परियोजना अधिकारी विजय प्रभात सरल को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। न्यायालय ने इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही मानते हुए निर्धारित समय सीमा में स्पष्ट जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यह भी उल्लेख किया गया है कि यदि आदेश की अवमानना सिद्ध होती है तो संबंधित अधिकारी के निलंबन एवं विभागीय कार्यवाही की अनुशंसा की जाएगी।
मामला वर्ष 2013 में ग्राम चोरभट्टी के परसाभाठा में नियुक्त आंगनवाड़ी कार्यकर्ता महेश्वरी साहू से जुड़ा है। आरोप है कि उन्हें प्रताड़ित करने की नीयत से अनावश्यक प्रशासनिक दबाव बनाया गया और विभिन्न प्रक्रियाओं के माध्यम से परेशान किया गया। शिकायत न्यायालय तक पहुंची, जहां से पारित आदेश का पालन अपेक्षित था, किंतु कथित रूप से आदेश के पालन में गंभीर उदासीनता बरती गई।
प्रशासनिक व्यवस्था में न्यायालय के आदेश सर्वोपरि होते हैं। ऐसे में किसी जिम्मेदार अधिकारी द्वारा न्यायिक निर्देशों की अनदेखी न केवल विभागीय अनुशासन पर प्रश्नचिह्न खड़ा करती है, बल्कि शासन की जवाबदेही और पारदर्शिता पर भी सीधा प्रहार मानी जाती है। महिला एवं बाल विकास जैसे संवेदनशील विभाग में पदस्थ अधिकारी से अपेक्षा की जाती है कि वह नियम, संवेदनशीलता और न्यायिक मर्यादा का पूर्ण पालन करे, किंतु इस प्रकरण ने कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार, न्यायालय की सख्त टिप्पणी के बाद प्रशासनिक हलकों में हलचल है। यदि प्रस्तुत जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई से इंकार नहीं किया जा सकता। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि परियोजना अधिकारी न्यायालय के समक्ष क्या स्पष्टीकरण देते हैं और क्या विभाग इस मामले में निष्पक्ष एवं पारदर्शी कार्रवाई सुनिश्चित करता है, या फिर यह मामला भी औपचारिक जवाबों तक सीमित रह जाएगा।