Balod News : बालोद में मिशन अंकुर की शुरुआत: 3.5 लाख सीड बॉल से बढ़ेगी हरियाली, कलेक्टर दिव्या मिश्रा ने किया शुभारंभ

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बालोद में हरित क्रांति: मिशन अंकुर के तहत 3.5 लाख सीड बॉल से बड़े पैमाने पर रोपण

Balod News : बालोद में मिशन अंकुर की शुरुआत: 3.5 लाख सीड बॉल से बढ़ेगी हरियाली, कलेक्टर दिव्या मिश्रा ने किया शुभारंभ

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न्यूज रुटीन @ बालोद, 15 जून 2026। पर्यावरण संरक्षण और जिले में हरियाली बढ़ाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन बालोद द्वारा एक अभिनव पहल "मिशन अंकुर" की शुरुआत की गई है। संयुक्त जिला कार्यालय के जनदर्शन कक्ष में आयोजित कार्यक्रम में कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने अभियान का शुभारंभ करते हुए आमजनों को सीड बॉल वितरित किए और उन्हें खाली स्थानों, पहाड़ियों, जंगलों तथा बंजर भूमि पर इन्हें फेंककर पौधारोपण अभियान में सहभागी बनने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक योगेश पटेल, दुर्ग वनमंडलाधिकारी दीपेश कपिल, जिला पंचायत सीईओ सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर चंद्रकांत कौशिक, अजय किशोर लकरा, संयुक्त कलेक्टर मधुहर्ष सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

सीड बॉल मिट्टी, खाद और विभिन्न उपयोगी वृक्षों के बीजों से तैयार की गई एक छोटी गेंद होती है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसे लगाने के लिए गड्ढा खोदने या विशेष देखभाल की आवश्यकता नहीं होती। इन्हें जंगलों, खाली जमीनों, पहाड़ियों और बंजर क्षेत्रों में फेंक दिया जाता है। मानसून की बारिश के साथ ये बीज अंकुरित होकर पौधों का रूप ले लेते हैं और समय के साथ वृक्ष बन जाते हैं।

मिशन अंकुर के तहत स्थानीय प्रजातियों जैसे नीम, पीपल, बरगद, मुनगा, करंज, कटहल और इमली के बीजों का उपयोग कर बड़े पैमाने पर सीड बॉल तैयार किए गए हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के स्व-सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा 2 लाख 50 हजार सीड बॉल तैयार किए गए हैं, जबकि वन विभाग ने 1 लाख सीड बॉल बनाए हैं। इस प्रकार कुल 3 लाख 50 हजार सीड बॉल अभियान के लिए तैयार किए गए हैं।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कलेक्टर दिव्या मिश्रा ने जल संरक्षण के महत्व पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने लोगों से पानी का विवेकपूर्ण उपयोग करने तथा सोखता गड्ढा और रेन वाटर हार्वेस्टिंग जैसी व्यवस्थाएं विकसित करने की अपील की।

उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष जिले में जनसहभागिता से 3 लाख 50 हजार से अधिक पौधों का रोपण किया गया था। इस वर्ष भी हरियाली बढ़ाने के लक्ष्य को आगे बढ़ाते हुए जिले में 2 लाख 25 हजार से अधिक ट्रेंच का निर्माण कराया गया है, जिससे पौधों के संरक्षण और वर्षा जल संचयन में मदद मिलेगी।

कलेक्टर ने कहा कि घरों और आसपास उपलब्ध फलों व वृक्षों के बीजों को फेंकने के बजाय उन्हें सुखाकर मिट्टी में लपेटकर सीड बॉल तैयार किए जा सकते हैं। इन सीड बॉल को खाली भूमि पर फेंकने से बारिश के दौरान वे अंकुरित होकर पौधों में बदल जाएंगे और पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

उन्होंने स्व-सहायता समूहों की महिलाओं के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उनकी मेहनत से हजारों सीड बॉल तैयार हो सके हैं। साथ ही जनदर्शन में पहुंचे लोगों को सीड बॉल वितरित कर उन्हें मिशन अंकुर में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक योगेश पटेल और वनमंडलाधिकारी दीपेश कपिल ने भी लोगों को वृक्षों के महत्व और पर्यावरण संतुलन में उनकी भूमिका के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सीड बॉल जैसी सरल तकनीक के माध्यम से आम नागरिक भी हरियाली बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।

जिला पंचायत सीईओ सुनील चंद्रवंशी ने बताया कि वृक्षारोपण के दो प्रभावी तरीके हैं—एक पौधे लगाना और दूसरा सीड बॉल के माध्यम से बीजों का रोपण। उन्होंने कहा कि सीड बॉल वर्षा के पानी के संपर्क में आते ही अंकुरित होकर पौधों और बाद में वृक्षों का रूप धारण कर लेते हैं।

कार्यक्रम में बिहान समूह की महिलाएं और बड़ी संख्या में जनदर्शन में पहुंचे नागरिक उपस्थित रहे। जिला प्रशासन को उम्मीद है कि मिशन अंकुर के माध्यम से जनसहभागिता बढ़ेगी और आने वाले वर्षों में बालोद जिले में हरियाली का दायरा और अधिक विस्तृत होगा।