न्यूज रूटीन @ रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और सुचारू बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के 8 तथा राज्य प्रशासनिक सेवा के 11 अधिकारियों सहित कुल 19 अधिकारियों के तबादले किए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) द्वारा जारी आदेश के तहत कई अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, जबकि कई जिलों में नए मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) और नगर निगम आयुक्त नियुक्त किए गए हैं।
आईएएस अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारियां
जारी आदेश के अनुसार वरिष्ठ आईएएस अधिकारी रिमिजियस एक्का को नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के साथ राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। वहीं गजेंद्र सिंह ठाकुर को राजस्व एवं आपदा प्रबंधन तथा पुनर्वास विभाग में उप सचिव नियुक्त किया गया है।
इसके अलावा कई जिलों में प्रशासनिक जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है। प्रतीक जैन को जिला पंचायत कोरबा का मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ), सुरूचि सिंह को नगर पालिक निगम भिलाई का आयुक्त, जयंत नाहटा को जिला पंचायत धमतरी का सीईओ, एम.भार्गव को जिला पंचायत दंतेवाड़ा, तन्मय खन्ना को जिला पंचायत बस्तर तथा दुर्गा प्रसाद अधिकारी को जिला पंचायत राजनांदगांव का मुख्य कार्यपालन अधिकारी नियुक्त किया गया है।
राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारियों में भी व्यापक बदलाव
राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के दायित्वों में भी महत्वपूर्ण फेरबदल किया गया है। आदेश के अनुसार इंद्रजीत बर्मन को स्वास्थ्य सेवाएं संचालनालय, राजीव कुमार पांडेय को उच्च शिक्षा संचालनालय, भारती चंद्राकर को मार्कफेड तथा दिनेश कुमार नाग को छत्तीसगढ़ स्टेट सिविल सप्लाई कॉर्पोरेशन में पदस्थ किया गया है।
इसी प्रकार नयनतारा सिंह तोमर को चिकित्सा शिक्षा संचालनालय, गोकुल राम राबटे को जिला पंचायत मुंगेली, आशुतोष चतुर्वेदी को जिला पंचायत बलरामपुर-रामानुजगंज, अभिषेक कुमार गुप्ता को जिला पंचायत मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी का मुख्य कार्यपालन अधिकारी बनाया गया है। वहीं प्रभाकर पांडेय को खेल एवं युवा कल्याण विभाग तथा शशांक पांडेय को छत्तीसगढ़ रोड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन में नई जिम्मेदारी दी गई है।
प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने की कवायद
राज्य सरकार का कहना है कि यह प्रशासनिक फेरबदल विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने, प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाने और शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया है। माना जा रहा है कि नए पदस्थापनों से विभिन्न विभागों और जिलों में प्रशासनिक कार्यों को नई गति मिलेगी।