Korba News : कोरबा: धीरज परिवहन सुविधा केंद्र पर अवैध वसूली के गंभीर आरोप, प्राधिकार पत्र रद्द करने की मांग

संक्षेप

कोरबा: धीरज केंद्र पर नियम उल्लंघन के आरोप

Korba News : कोरबा: धीरज परिवहन सुविधा केंद्र पर अवैध वसूली के गंभीर आरोप, प्राधिकार पत्र रद्द करने की मांग

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न्यून रूटीन @ कोरबा (छत्तीसगढ़) — धीरज परिवहन सुविधा केंद्र पर गंभीर आरोप; प्राधिकार पत्र रद्द करने की मांग तेज
कोरबा के टी.पी. नगर स्थित धीरज परिवहन सुविधा केंद्र (कोड: CG-12/00021/, प्राधिकार पत्र क्रमांक: CG12/PSK/KORBA/07) के खिलाफ सूचना का अधिकार (RTI) से प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर एक बड़ा खुलासा हुआ है। शिकायतकर्ता जितेंद्र कुमार साहू ने 25 जून 2026 को जिला परिवहन अधिकारी, कोरबा के समक्ष लिखित शिकायत दाखिल की है, जिसमें केंद्र संचालक धीरज कुमार देवांगन पर नियमों की अवहेलना, अवैध वसूली और आधिकारिक रिकॉर्ड छुपाने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
शिकायत में कहा गया है कि परिवहन सुविधा केंद्र मार्गदर्शिका-2022 के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद संचालन में कई अनियमितताएं पाई गई हैं। मार्गदर्शिका के अनुरूप ऑनलाइन आवेदन के सेवा शुल्क ₹100 और लर्निंग लाइसेंस के लिए ₹50 निर्धारित हैं, जबकि केंद्र पर आवेदकों से ₹200 या उससे अधिक वसूला जा रहा है। मार्गदर्शिका के बिंदु 5(II) के तहत निर्धारित शुल्क से अधिक वसूलने पर प्राधिकार पत्र निरस्त करने का प्रावधान है, पर ऐसा कार्रवाई न होने पर सवाल उठ रहे हैं।
आरटीआई के जवाब में केन्द्र से मांगे गए दैनिक रिकॉर्ड और स्टॉक पंजी को छुपाने तथा अधूरी जानकारी देने का आरोप भी लगाया गया है। मार्गदर्शिका के बिंदु 7(II) और 7(VI) के अनुसार सभी इलेक्ट्रॉनिक और भौतिक अभिलेख सुरक्षित रखे जाने अनिवार्य हैं; पर दस्तावेजों की अनुपलब्धता और अधूरी आपूर्ति से वित्तीय गड़बड़ी का आशंका बढ़ी है।
शिकायत में यह भी दावा है कि केंद्र का वास्तविक संचालन अधिकृत नामधारी के बजाय अनाधिकृत बाहरी व्यक्तियों द्वारा किया जा रहा है, जो मार्गदर्शिका के बिंदु 7(VIII) और 7(IX) का उल्लंघन है। साथ ही अतिरिक्त परिवहन आयुक्त डी. रविशंकर (IPS) के 10/11/2025 के निर्देशों के विरुद्ध लर्निंग लाइसेंस टेस्ट कक्ष में CCTV रिकॉर्डिंग का अभाव और बैकअप न रखने का आरोप लगाया गया है।
शिकायतकर्ता ने संचालक द्वारा 17-05-2022 को दिए गए घोषणा-पत्र की प्रति भी प्रस्तुत की है, जिसमें संचालक ने सत्यापन की शपथ ली थी। शिकायतकर्ता के अनुसार, यह शपथ पत्र स्वयं संचालक के विरुद्ध निर्णायक साक्ष्य बन चुका है, और नियमों के उल्लंघन की स्थिति में प्राधिकार पत्र निरस्‍ट करने का आधार बनता है।

शिकायत में मांगें:
धीरज परिवहन सुविधा केंद्र (कोड: CG-12/00021/) का प्राधिकार पत्र तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए।
भ्रष्टाचार, अवैध वसूली और आरटीआई के तहत जानकारियाँ छुपाने के मामलों में संचालक के विरुद्ध कड़ी दंडात्मक और कानूनी कार्रवाई की जाए।
संचालक द्वारा जमा की गई ₹1,00,000 की बैंक गारंटी जब्त कर राजसात की जाए।

स्थानीय प्रशासन का रुख: मौन
वर्तमान लेखन तक कोरबा जिला परिवहन अधिकारी और संबंधित अधिकारियों की ओर से आधिकारिक टिप्पणी नहीं मिली है। शिकायत में कलेक्टर और आरटीओ के कदमों पर भी सवाल उठाए गए हैं कि क्या वे इस मामले में संज्ञान लेंगे और कब प्रभावी कार्रवाई करेंगे।

शिकायतकर्ता द्वारा आरटीआई से प्राप्त दस्तावेज और आवेदन-प्रमाणों की प्रतियां जिला परिवहन अधिकारी को सौंप दी गयी हैं। यदि प्राधिकार पत्र निरस्त नहीं किया गया और आरोप सही पाए गए, तो नियमों के अनुसार कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है।