न्यूज रुटीन @ छत्तीसगढ़ / कोरबा जनपद पंचायत कोरबा में प्रशासनिक शुचिता को तार-तार करने वाला एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ पदस्थ सहायक आंतरिक लेखा परीक्षण एवं करारोपण अधिकारी शेरसिंह डडसेना की अनुकंपा नियुक्ति पूरी तरह फर्जीवाड़े और संशय के घेरे में है। आरोपी अधिकारी पिछले 25 वर्षों से बिना किसी वैध रिकॉर्ड के सरकारी खजाने को चूना लगा रहा है।
डडसेना की व्यक्तिगत नस्ती फाइल में अनुकंपा नियुक्ति का मूल आदेश मृतक का मृत्यु प्रमाण पत्र और अनिवार्य गोदनामा जैसे बुनियादी कागज गायब हैं।
बिलासपुर संयुक्त संचालक कार्यालय ने लिखित में साफ कर दिया है कि उनके रिकॉर्ड में डडसेना की अनुकंपा नियुक्ति से जुड़ी कोई फाइल उपलब्ध ही नहीं है।
अधिकारी ने झाड़ा पल्ला 3 सदस्यीय जांच दल जयश्री अग्रवाल, महेश्वरी साव, आशुतोष मिश्रा द्वारा नोटिस दिए जाने पर अनावेदक अधिकारी कोई भी वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सका।
सेवा पुस्तिका में कूटरचना को लेकर कलेक्टर से कड़ी कार्रवाई की मांग
शिकायतकर्ता जितेन्द्र कुमार साहू ने कलेक्टर जनदर्शन में पुख्ता सबूतों के साथ आवेदन देकर आरोपी अधिकारी को तत्काल बर्खास्त करने और सेवा पुस्तिका में हेरफेर कूटकरण व धोखाधड़ी के आरोप में पुलिस प्राथमिकी फिर दर्ज कराने की मांग की है।
सवाल उठना तो लाजमी है, अगस्त 2025 में ही जांच दल की रिपोर्ट आने के बाद भी इस दागी अधिकारी को अब तक सस्पेंड क्यों नहीं किया गया? शासन को लाखों की आर्थिक क्षति पहुँचाने वाले इस सुनियोजित प्रशासनिक रैकेट पर कलेक्टर कब कड़ा एक्शन लेंगे, इस पर पूरे जिले की नजरें टिकी हैं।