न्यूज रूटीन @ कोरबा। सरकारी विभागों में पारदर्शिता लाने के लिए बने सूचना का अधिकार अधिनियम RTI को छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड DSPM कोरबा पूर्व के अधिकारी ठेंगा दिखा रहे हैं। जन सूचना अधिकारी विनय सोनी कार्यपालन अभियंता और प्रथम अपीलीय अधिकारी के.एल. देवांगन अधीक्षण अभियंता की लापरवाही के चलते अब यह मामला राज्य सूचना आयोग रायपुर पहुंच गया है।
क्या है पूरा मामला?
करोड़ों का टेंडर, को लेकर जानकारी छुपाया जा रहा है l आरटीआई कार्यकर्ता जितेंद्र कुमार साहू ने फ्लाई ऐश परिवहन से जुड़ी कंपनियों मेसर्स हेम्स कॉर्पोरेशन सर्विसेज इंडिया लिमिटेड और मेसर्स मधुसूदन अग्रवाल प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड के करोड़ों रुपये के कार्यादेशों वाहनों की सूची ट्रिप गेटपास और एम.बी. बुक की सत्यापित कॉपियां मांगी थीं।
समय सीमा में नहीं मिला जवाब, जी हाँ जन सूचना अधिकारी ने तय समय में जानकारी नहीं दी जिससे सवाल उठ रहे हैं कि आखिर विभाग क्या छुपाना चाहता है?
अपीलीय अधिकारी भी मौन है,जब आवेदक ने प्रथम अपील दायर की तो अपीलीय अधिकारी ने भी मातहतों की लापरवाही पर अंकुश लगाने के बजाय आंखें फेर लीं।
अधिकारियों के टालमटोल रवैये से तंग आकर आवेदक ने 09 जुलाई 2026 को राज्य मुख्य सूचना आयुक्त के समक्ष द्वितीय अपील दर्ज करा दी है। अपील में दोषी अधिकारियों पर सख्त जुर्माना लगाने और दंडित करने की मांग की गई है।
बड़ा सवाल यह है की एक जागरूक नागरिक द्वारा नियमतः शुल्क देने के बाद भी जानकारी न देना कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही है। अब देखना होगा कि CSPGCL प्रबंधन इन अधिकारियों पर विभागीय जांच बैठाता है या इन्हें कानून की धज्जियां उड़ाने की खुली छूट मिलती रहेगी।