न्यूज रूटीन @ भटगांव नगरीय निकाय और त्रिस्तरीय पंचायत आम चुनाव संपन्न होने के बाद विभिन्न पंचायतों और निकायों में प्रथम सम्मिलन कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। कई पंचायतों में यह कार्यक्रम पूरा हो चुका है, जबकि कुछ क्षेत्रों में अभी भी प्रक्रियाएं जारी हैं। इसी क्रम में बिलाईगढ़ क्षेत्र के नगर पंचायत भटगांव में आयोजित प्रथम सम्मिलन को लेकर स्थानीय पत्रकारों और मीडिया प्रभारी ने नाराजगी व्यक्त की है।
कलमकारों को आमंत्रण न देने पर नाराजगी
बताया जा रहा है कि इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में देश के चौथे स्तंभ यानी पत्रकारों को न तो बुलाया गया और न ही कोई आधिकारिक आमंत्रण दिया गया। इसके अलावा, नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों को गुप्त रूप से शपथ दिलाई गई और सार्वजनिक शपथ ग्रहण समारोह से दूर रखा गया। इस घटनाक्रम को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों की बड़ी लापरवाही मानी जा रही है।
चौथे स्तंभ की अहम भूमिका
सरकार की जनहितैषी और जनकल्याणकारी योजनाओं को जनता तक पहुंचाने में पत्रकारों की अहम भूमिका होती है। मीडिया न केवल सूचनाओं का प्रचार-प्रसार करता है, बल्कि प्रशासन और जनता के बीच एक सेतु का कार्य भी करता है। ऐसे में पत्रकारों को ऐसे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों से दूर रखना उचित नहीं माना जा सकता। यह एक विचारणीय विषय है जिस पर प्रशासन को मंथन करना चाहिए।
प्रशासन की जवाबदेही जरूरी
कुछ लोगों का मानना है कि पत्रकारों को बिना निमंत्रण के भी कार्यक्रम में पहुंचना चाहिए, लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या प्रशासन की यह जिम्मेदारी नहीं बनती कि वह आधिकारिक रूप से मीडिया को भी आमंत्रित करे? सरकारी और प्रशासनिक कार्यक्रमों में पारदर्शिता बनाए रखना आवश्यक है, ताकि जनता को सही और सटीक जानकारी मिल सके।
आगे की रणनीति पर टिकी निगाहें
अब देखने वाली बात होगी कि पत्रकारों की इस नाराजगी को दूर करने के लिए जिम्मेदार अधिकारी क्या कदम उठाते हैं और मीडिया के साथ समन्वय स्थापित करने की दिशा में क्या प्रयास किए जाते हैं।
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कलमकारों को आमंत्रण न देने पर नाराजगी
बताया जा रहा है कि इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में देश के चौथे स्तंभ यानी पत्रकारों को न तो बुलाया गया और न ही कोई आधिकारिक आमंत्रण दिया गया। इसके अलावा, नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों को गुप्त रूप से शपथ दिलाई गई और सार्वजनिक शपथ ग्रहण समारोह से दूर रखा गया। इस घटनाक्रम को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों की बड़ी लापरवाही मानी जा रही है।
चौथे स्तंभ की अहम भूमिका
सरकार की जनहितैषी और जनकल्याणकारी योजनाओं को जनता तक पहुंचाने में पत्रकारों की अहम भूमिका होती है। मीडिया न केवल सूचनाओं का प्रचार-प्रसार करता है, बल्कि प्रशासन और जनता के बीच एक सेतु का कार्य भी करता है। ऐसे में पत्रकारों को ऐसे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों से दूर रखना उचित नहीं माना जा सकता। यह एक विचारणीय विषय है जिस पर प्रशासन को मंथन करना चाहिए।
प्रशासन की जवाबदेही जरूरी
कुछ लोगों का मानना है कि पत्रकारों को बिना निमंत्रण के भी कार्यक्रम में पहुंचना चाहिए, लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या प्रशासन की यह जिम्मेदारी नहीं बनती कि वह आधिकारिक रूप से मीडिया को भी आमंत्रित करे? सरकारी और प्रशासनिक कार्यक्रमों में पारदर्शिता बनाए रखना आवश्यक है, ताकि जनता को सही और सटीक जानकारी मिल सके।
आगे की रणनीति पर टिकी निगाहें
अब देखने वाली बात होगी कि पत्रकारों की इस नाराजगी को दूर करने के लिए जिम्मेदार अधिकारी क्या कदम उठाते हैं और मीडिया के साथ समन्वय स्थापित करने की दिशा में क्या प्रयास किए जाते हैं।