न्यूज रूटीन @ सारंगढ़ बिलाईगढ़ । छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सारंगढ़ जिले में नगर पंचायत सरसींवा और नगर पंचायत पवनी की कार्यवाहक समिति को रद्द करने का फैसला सुनाया है। प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के सत्ता में आते ही , अहम निर्णय लेते हुए सरसींवा व पवनी में नगर पंचायत के संचालन के लिए कार्यवाहक समिति का गठन किया गया था। जिस पर सरसींवा व पवनी नगर पंचायत कार्यवाहक समिति का गठन कर दी गई थी । जिसको लेकर ग्राम पंचायत सरसींवा के सरपंच नीतीश बंजारे और ग्राम पंचायत पवनी के सरपंच महेंद्र श्रीवास के द्वारा चुनौती दी गई , और हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई ।
वही यह पूरा मामला बिलाईगढ़ विकासखंड का है। जहां के ग्राम पंचायत सरसीवां और ग्राम पंचायत पवनी को पूर्व में कांग्रेस सरकार के द्वारा नगर पंचायत बनाया गया था। प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार आने के बाद नगर पंचायत के संचालन के लिए कार्यवाहक समिति का गठन किया गया था। जिसे राजपत्र में प्रकाशित किया गया था। जिस पर ग्राम पंचायत पवनी सरपंच महेंद्र श्रीवास और ग्राम पंचायत सरसींवा के सरपंच नीतीश बंजारे के द्वारा चुनौती देते हुए दोनों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी , जहा पर हाईकोर्ट ने दोनो नगर पंचायत के लिये 27 जून 2024 को कार्यवाहक समिति बनाने के लिये जारी अधिसूचना को रद्द कर दिया गया ।
नपा अधिनियम की धारा 5 के कंडिका क्रमांक 4 का दिया हवाला
छत्तीसगढ़ नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 5 के कंडिका क्रमांक 4 में स्पष्ट लिखा है कि जब किसी ग्राम पंचायत को धारा 5 के प्रावधानों के अधीन नगर पंचायत के रूप में गठित किया गया है, इस अधिनियम के अधीन नई नगर पंचायत का गठन नहीं हो जाता तब तक ग्राम पंचायत ही इस अधिनियम के प्रावधानों के अधीन नगर पंचायत के दायित्व का निर्वहन करेगी।
हाईकोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई करते हुए कार्यवाहक समिति को रद्द करने का निर्णय लिया। इस फैसले को लेकर सरपंच महेंद्र श्रीवास और नीतीश बंजारे ने माननीय कोर्ट का सहृदय से आभार व्यक्त किये और इस फैसले का स्वागत किया और इसे लोकतंत्र की जीत बताया। उन्होंने कहा, “हम उच्च न्यायालय के फैसले का सम्मान करते हैं और यह निर्णय जनता के हित में है।