Balod news : तांडव या कायाकल्प? तड़के सुबह तांदुला के तटों पर प्रशासन ने चलवाए बुलडोजर, तनाव के बीच प्रदर्शनकारियों को हिरासत में

संक्षेप

बुलडोजर से सफाया: तांदुला किनारे अवैध खेती पर प्रशासन की तड़के रेड, 7.5 एकड़ समतल तांडव या कायाकल्प? तड़के सुबह तांदुला के तटों पर प्रशासन ने चलवाए बुलडोजर, तनाव के बीच प्रदर्शनकारियों को हिरासत में

Balod news : तांडव या कायाकल्प? तड़के सुबह तांदुला के तटों पर प्रशासन ने चलवाए बुलडोजर, तनाव के बीच प्रदर्शनकारियों को हिरासत में

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न्यूज रुटीन @ तांदुला नदी के अस्तित्व को बचाने और उसे उसके पुराने प्राकृतिक स्वरूप में वापस लाने के लिए जिला प्रशासन ने आज बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया। आज तड़के सुबह नदी के तटीय इलाकों में प्रशासन की बड़ी बुलडोजर कार्रवाई देखने को मिली। प्रशासन ने नदी किनारे अवैध रूप से खेती की जा रही लगभग साढ़े 7 एकड़ जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराकर उसे वापस नदी के समतल लाने की कवायद शुरू कर दी है।
​IIT के साथ हुआ है समझौता, ड्रोन से हुआ था सर्वे
​प्राप्त जानकारी के अनुसार, तांदुला नदी के कायाकल्प और इसके पुराने गौरव को लौटाने के लिए जिला प्रशासन और आईआईटी (IIT) के बीच एक महत्वपूर्ण एमओयू (MoU) पर हस्ताक्षर किया गया है। इसी योजना के तहत बीते दिनों नदी क्षेत्र को संवारने के लिए प्रशासन द्वारा विस्तृत ड्रोन सर्वे कराया गया था। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर चिन्हित किए गए प्रभावित किसानों को प्रशासन की ओर से 24 घंटे का अंतिम अल्टीमेटम (नोटिस) जारी किया गया था।
​जनवरी में टल गई थी कार्रवाई
प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, यह बुलडोजर कार्रवाई जनवरी महीने में ही की जानी तय थी। लेकिन उस समय खेतों में किसानों की फसलें लहलहा रही थीं। मानवीय आधार पर किसानों की फसलों को नुकसान से बचाने के लिए प्रशासन ने तब अपनी कार्रवाई टाल दी थी, जिसे अब फसल कटने के बाद अंजाम दिया जा रहा है।
​भारी पुलिस बल तैनात, विरोध कर रहे प्रदर्शनकारी हिरासत में
​कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल के जवानों को तैनात किया गया है। जैसे ही बुलडोजर ने खेतों को समतल करना शुरू किया, प्रभावित किसानों और छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के कार्यकर्ताओं ने इसका पुरजोर विरोध किया।
​मौके पर बढ़ते तनाव और विरोध प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने मुस्तैदी दिखाई। पुलिस ने छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के पदाधिकारियों और विरोध कर रहे किसानों को गाड़ियों में भरकर तत्काल कोतवाली थाने भेज दिया। प्रदर्शनकारियों को हटाए जाने के बाद प्रशासन की बुलडोजर कार्रवाई लगातार जारी है।