न्यूज रुटीन @ बिलाईगढ़ । शासन प्रशासन जहां छात्र छात्राओं के शिक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ी बड़ी दावे कर रहे है , तो वही दूसरी ओर शिक्षकों की मनमानी रवैया देखने को मिल रही है ।
आपको बता दे कि मामला शासकीय प्राथमिक शाला सलिहा का है ,
जहां प्राथमिक शाला सलिहाघाट के शिक्षकों द्वारा ट्रेनिग में जाने को लेकर विद्यालय में ताला जड़ दिया गया ।
विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है । इससे यह अंदाजा लगा सकते हैं कि शिक्षक क्या बच्चों के प्रति सक्रिय है ।
जी हाँ आपको बता दें की यह पुरा मामला सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला बिलाईगढ़ विकासखंड के शासकीय प्राथमिक शाला सलिहाघाट का है जहां पर हमारे दैनिक प्राईम संदेश के जिला ब्यूरो देवकुमार जाटवर दिनांक 23/10/2024 बुधवार को समाचार संकलन के दौरान क्षेत्र में विचरण कर रहे रहे थे तभी दोपहर को 1 बजकर 40 मिनट के आस पास शासकीय प्राथमिक शाला सलिहाघाट के मेन गेट बंद नजर आया ठीक उसी दौरान स्कूल के बच्चे बैग को पकड़ कर घर जाते नजर आये उनके पास जाकर पूछने पर पता चला कि स्कूल में दो शिक्षक है दोनो में से एक नही आयी है और जो स्कूल के प्रधान पाठक थे वो बच्चों के छुट्टी देकर ट्रेनिंग के लिए बिलाईगढ़ के लिए निकल गये हैं।
तदोपरांत दैनिक प्राईम संदेश की टीम स्कूल के पास जाकर इंतजार किये की शायद कोई शिक्षक आ जाये किन्तु दोपहर 2 बजकर 4 मिनट तक वहां कोई भी शिक्षक नही दिखने पर वहां से निकल गए।
अब इसमें मामले में सवाल यह खड़ा होता है कि क्या किसी ट्रेनिंग के लिए स्कूल में एक ही शिक्षक होने के बावजूद भी बच्चों को छुट्टी देकर स्कूल को बंद करके ट्रेनिंग में जाना क्या उचित है?
क्या विभाग के आला अधिकारी ट्रेनिंग के लिए स्कूल को समय से पहले बंद करके जाने का जिम्मेदारी लेंगे आखिर कौन होगा इसका जिम्मेदार प्रधान पाठक,संकुल प्रभारी,विकासखंड शिक्षा अधिकारी अथवा जिला शिक्षा अधिकारी।
बरहाल इस मामले में विभाग के उच्च अधिकारियों के द्वारा शासकीय प्राथमिक शाला सलिहघाट के शिक्षकों के ऊपर कोई उचित कार्यवाही करेंगे अथवा अपने ही विभाग के कर्मचारी होने के नाते संरक्षण प्रदान करेंगे?