Balod News : रमजान छुट्टी विवाद पर कांग्रेस नेता शेख मतीन ने वक्फ बोर्ड अध्यक्ष सलीम राज पर उठाए सवाल

संक्षेप

सोशल मीडिया पर वायरल पत्र के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज रमजान छुट्टी विवाद पर कांग्रेस नेता शेख मतीन ने वक्फ बोर्ड अध्यक्ष सलीम राज पर उठाए सवाल

Balod News : रमजान छुट्टी विवाद पर कांग्रेस नेता शेख मतीन ने वक्फ बोर्ड अध्यक्ष सलीम राज पर उठाए सवाल

विस्तृत खबरें

न्यूज रुटीन @ बालोद / छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से जुड़े रमजान छुट्टी विवाद पर कांग्रेस नेता शेख मतीन ने वक्फ बोर्ड अध्यक्ष सलीम राज पर सवाल उठाए हैं। यह मामला 19 फरवरी 2026 के एक वायरल पत्र से शुरू हुआ, जिसे बाद में हटा लिया गया। विवाद की शुरुआत19 फरवरी को छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड ने कथित तौर पर पत्र जारी कर कहा कि रमजान में शासकीय मुस्लिम कर्मचारियों को ड्यूटी एक घंटे पहले समाप्त करने की अनुमति शासन ने दी है। यह पत्र सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद बढ़ गया और वक्फ बोर्ड अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार जताया। शासन की सफाईअगले दिन अल्पसंख्यक विभाग के सचिव अनुपम द्विवेदी ने आधिकारिक पत्र जारी कर स्पष्ट किया कि राज्य शासन ने ऐसा कोई आदेश नहीं दिया।


विभाग ने वायरल जानकारी को भ्रामक और निराधार बताया।  कांग्रेस का बयानबाजी छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश सचिव शेख मतीन ने सलीम राज पर गंभीर सवाल उठाते हुए भ्रामक पत्र फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने जिम्मेदार के खिलाफ कार्रवाई, माफी और जनता को सही जानकारी देने की मांग की। मतीन ने वक्फ बोर्ड की जिम्मेदारियों पर भी जोर दिया, जैसे संपत्ति निगरानी और अतिक्रमण की सूचना। अन्य मांगें मतीन ने नए वक्फ कानून के पुराने-नए प्रावधानों के अंतर और लाभों की सार्वजनिक जानकारी की मांग की। उन्होंने रमजान जैसे संवेदनशील मुद्दों पर तथ्यात्मक जानकारी जारी करने की अपील की ताकि समाज में भ्रम न फैले। 


सही कौन - वक्फ बोर्ड या शासन?"


शेख मतीन ने कहा कि प्रदेश की जनता को यह जानने का अधिकार है कि इस मामले में सही जानकारी कौन दे रहा है वक्फ बोर्ड या शासन का अधिकृत विभाग। यदि किसी जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा भ्रामक जानकारी प्रसारित की गई है तो उसके विरुद्ध उचित कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने आवश्यक होने पर सार्वजनिक माफी की भी मांग की।

वक्फ बोर्ड की भूमिका पर उठे सवाल

प्रदेश सचिव ने कहा कि वक्फ बोर्ड की मूल जिम्मेदारी वक्फ संपत्तियों की निगरानी, संबंधित समितियों का पंजीयन, मुतवल्ली चुनाव की प्रक्रिया तथा अतिक्रमण संबंधी मामलों में प्रशासन को अवगत कराना है। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल के समय में बोर्ड की ओर से ऐसे आदेश या पत्र जारी किए जा रहे हैं, जिनसे भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो रही है।

नए वक्फ कानून पर भी स्पष्टता की मांग

शेख मतीन ने यह भी कहा कि यदि नए वक्फ कानून को समुदाय के हित में बताया जा रहा है, तो पुराने और नए प्रावधानों के बीच अंतर तथा उससे मिलने वाले वास्तविक लाभों की जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए। पारदर्शिता ही किसी भी निर्णय को विश्वसनीय बनाती है।

संवेदनशील मुद्दों पर जिम्मेदार संवाद जरूरी

उन्होंने कहा कि रमजान जैसे धार्मिक और संवेदनशील विषयों से जुड़े मामलों में तथ्यात्मक, प्रमाणिक और जिम्मेदार जानकारी ही जारी की जानी चाहिए, ताकि समाज में अनावश्यक भ्रम और असंतोष की स्थिति पैदा न हो। अंत में उन्होंने वक्फ बोर्ड अध्यक्ष से पद की गरिमा बनाए रखते हुए स्पष्ट और अधिकृत जानकारी जारी करने की अपील की।