न्यूज रुटीन@सारंगढ़-बिलाईगढ़ से विशेष रिपोर्ट
रायगढ़ जिले में दमकल व्यवस्था की लचर स्थिति पर जिला प्रशासन ने ऐतिहासिक फैसला ले लिया है। लंबे समय से करोड़ों रुपये कीमत की दो फायर ब्रिगेड गाड़ियां रायगढ़ में बेकार पड़ी हुई थीं, जो करीब 15 महीनों से धूल खा रही थीं। मीडिया रिपोर्ट्स के बाद प्रशासन सक्रिय हुआ और अब इन वाहनों को तैनाती के लिए आवंटित कर दिया गया है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आगजनी और अन्य आपदाओं से निपटने की क्षमता में भारी सुधार होगा।
नगर पंचायतों को मिली राहत, त्वरित प्रतिक्रिया संभव
जिला कलेक्टर के आदेश पर एक फायर ब्रिगेड वाहन बरमकेला नगर पंचायत को और दूसरा बिलाईगढ़ नगर पंचायत को सौंपा गया है। ये गाड़ियां आधुनिक सुविधाओं से लैस हैं, जिनमें उच्च दाब वाले पंप, लंबी सीढ़ियां और आवश्यक उपकरण शामिल हैं। स्थानीय निवासियों ने इस कदम का स्वागत किया है, क्योंकि पहले दुर्घटनाओं में देरी से राहत पहुंचने की शिकायतें आम थीं। अब आपातकाल में 15-20 मिनट के अंदर सहायता उपलब्ध हो सकेगी।
पृष्ठभूमि और प्रभाव
यह निर्णय जिले की बढ़ती शहरीकरण और औद्योगिक गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। बरमकेला और बिलाईगढ़ जैसे क्षेत्रों में कृषि अवशेष जलाने या घरेलू आगजनी की घटनाएं बार-बार होती हैं, जहां दमकल की कमी जानलेवा साबित हो रही थी। प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वाहनों का रखरखाव और प्रशिक्षण सुनिश्चित किया जाए। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे न केवल जान-माल की हानि रुकेगी, बल्कि जिले का आपदा प्रबंधन मानक भी ऊंचा होगा।
आगे की योजना
जिला प्रशासन ने अन्य क्षेत्रों के लिए भी दमकल विस्तार की योजना बनाई है। जल्द ही और वाहनों की खरीद पर विचार हो रहा है। स्थानीय विधायक ने इसे सकारात्मक कदम बताते हुए प्रशासन की सराहना की।