न्यूज रूटीन @ बालोद। गुण्डरदेही विकासखंड के ग्राम बेलौदी से अरमरीकला तक 5.25 किलोमीटर लंबी प्रधानमंत्री ग्राम सड़क का निर्माण कार्य इन दिनों जारी है। करीब ₹2.80 करोड़ की लागत वाली इस परियोजना में निर्माण गुणवत्ता और कार्य की धीमी रफ्तार को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर सवाल उठाए हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण में मानकों की अनदेखी की गई, जिसका उदाहरण करीब 40 मीटर लंबी पक्की नाली का पहली ही बारिश में क्षतिग्रस्त हो जाना है। उनका कहना है कि यदि निर्माण गुणवत्तापूर्ण होता तो नाली इतनी जल्दी नहीं टूटती।
ग्रामीणों के अनुसार सड़क निर्माण कार्य निर्धारित समय से देर से शुरू हुआ। इसी बीच नया शिक्षा सत्र शुरू होने से बेलौदी और अरमरीकला के छात्र-छात्राओं को रोजाना इसी मार्ग से स्कूल जाना पड़ रहा है। बरसात में सड़क पर कीचड़ होने से विद्यार्थियों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि नल-जल योजना के कारण जमीन में नमी होने के बावजूद पर्याप्त मजबूती के बिना नाली का निर्माण किया गया। पहली बारिश में उसके क्षतिग्रस्त होने से निर्माण गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों ने पूरे कार्य की तकनीकी जांच कर दोषियों पर कार्रवाई और गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित करने की मांग की है। साथ ही बस्ती क्षेत्र में 200 मीटर सीसी सड़क का निर्माण जल्द शुरू करने की भी मांग की गई है।
ग्रामीण नीलम चंद साहू, भगवती नारायण साहू, भारत साहू, खोमन साहू, लीलाधर साहू और गैंदलाल साहू का कहना है कि निर्माण कार्य मानकों के अनुरूप नहीं किया जा रहा और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
ग्राम पंचायत बेलौदी की सरपंच कुमुदिनी साहू ने भी माना कि पहली बारिश में नाली का टूटना निर्माण गुणवत्ता पर सवाल खड़े करता है।
वहीं संबंधित विभाग के इंजीनियर ने बताया कि नाली क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिली है। मौके का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
दूसरी ओर ठेकेदार अंकित साहू ने निर्माण कार्य को गुणवत्तापूर्ण बताते हुए कहा कि अधिक बारिश और पानी के दबाव के कारण नाली क्षतिग्रस्त हुई है। इसे दोबारा बनाया जाएगा तथा नाली निर्माण पूरा होने के बाद बस्ती क्षेत्र में 200 मीटर सीसी सड़क का निर्माण भी कराया जाएगा।
हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप किया गया होता तो पहली ही बारिश में नाली नहीं टूटती। उन्होंने प्रशासन से पूरे निर्माण कार्य की निष्पक्ष तकनीकी जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने और गुणवत्ता सुनिश्चित करने की मांग दोहराई है।