न्यूज रूटीन @ बालोद। गुरूर विकासखंड के शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला बड़भूम परिसर में बिना अनुमति 29 हरे-भरे पेड़ों की कटाई के मामले में शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रधान पाठक डोमार सिंह निषाद को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई दुर्ग शिक्षा संभाग के संयुक्त संचालक ने जिला शिक्षा अधिकारी के प्रस्ताव पर की है। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय डौंडीलोहारा से संबद्ध किया गया है।
जारी आदेश में कहा गया है कि विद्यालय परिसर में पेड़ों की कटाई बिना सक्षम अनुमति कराई गई तथा इसकी सूचना उच्च कार्यालय को भी नहीं दी गई। विभाग ने इसे शासकीय दायित्वों की अवहेलना, गंभीर लापरवाही और स्वेच्छाचारिता मानते हुए छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 तथा छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत कार्रवाई की है। आदेश की प्रतिलिपि स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव, संभागायुक्त, लोक शिक्षण संचालनालय, जिला शिक्षा अधिकारी सहित संबंधित अधिकारियों को भेजी गई है।
समिति के प्रस्ताव पर हुई थी कटाई
शिक्षा विभाग की जांच रिपोर्ट के अनुसार 23 अप्रैल को शाला विकास समिति की बैठक आयोजित कर पेड़ों की कटाई का प्रस्ताव पारित किया गया था। हालांकि प्रस्ताव केवल पेड़ों की डालियां छंटाई से संबंधित बताया गया, लेकिन इसके बाद परिसर के लगभग 29 हरे-भरे पेड़ काट दिए गए। जांच में सामने आया कि पूरी प्रक्रिया प्रधान पाठक एवं शाला विकास समिति के सचिव डोमार सिंह निषाद की निगरानी में हुई और किसी सक्षम विभाग से अनुमति नहीं ली गई।
पांच दिन बाद भी दर्ज नहीं हुई एफआईआर
पेड़ों की अवैध कटाई की पुष्टि होने के बाद विकासखंड शिक्षा अधिकारी गुरूर ने 3 जुलाई को थाना गुरूर में दोषियों के विरुद्ध नामजद एफआईआर दर्ज करने के लिए आवेदन दिया था। इसके बावजूद पांच दिन बाद भी मामला दर्ज नहीं किया गया।
जानकारी के अनुसार जिस भूमि पर पेड़ों की कटाई हुई है, वह वन विभाग की नहीं बल्कि राजस्व विभाग की भूमि है। इसी कारण पुलिस ने पहले भूमि की स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। वन विभाग अपनी जांच रिपोर्ट राजस्व विभाग को सौंप चुका है, जबकि अब एसडीएम स्तर पर मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।