Balod News : बालोद: आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की दो दिवसीय हड़ताल, रैली व ज्ञापन के साथ मांगें सौंपीं

संक्षेप

त्रि- सूत्रीय मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं दो दिवसीय हड़ताल पर

Balod News : बालोद: आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की दो दिवसीय हड़ताल, रैली व ज्ञापन के साथ मांगें सौंपीं

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न्यूज रुटीन @ बालोद। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं अपनी तीन सूत्रीय मांगों को लेकर गुरुवार को स्थानीय बस स्टैंड स्थित टैक्सी स्टैंड में दो दिवसीय हड़ताल पर हैं। जिलेभर से सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता और सहायिकाएं एकजुट होकर धरना-प्रदर्शन कर रही हैं।शुक्रवार को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका अपनी तीन सूत्रीय मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन कर शहर में रैली निकालकर  प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा जाएगा।कार्यकर्ताओं ने कहा कि मांगे पूरी नहीं हुआ तो मार्च माह में प्रदेश स्तरीय धरना प्रदर्शन कर विधानसभा घेराव करने की चेतावनी शासन प्रशासन को दिया है।



हड़ताल के कारण कई आंगनबाड़ी केंद्रों में लगा ताला 

इस हड़ताल के कारण कई आंगनबाड़ी केंद्रों में ताला लगा रहा, जिससे महिला-बाल विकास विभाग की योजनाओं के संचालन पर असर पड़ा है।  आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे सालों से शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं का निष्ठापूर्वक निर्वहन कर रही हैं।इनमें पोषण अभियान, टीकाकरण सहयोग, गर्भवती महिलाओं, बच्चों की देखरेख और सर्वे कार्य शामिल हैं। इसके बावजूद उन्हें अब तक शासकीय कर्मचारी का दर्जा नहीं मिला है। उनका आरोप है कि नियमित कर्मचारियों की तरह कार्य लेने के बावजूद उन्हें न तो वेतनमान का लाभ मिलता है और न ही अन्य शासकीय सुविधाएं।


शासकीय कर्मचारी का दर्जा और मानदेय वृद्धि की मांग

हड़ताल की मुख्य मांग आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं को शासकीय कर्मचारी घोषित करना है। जिस प्रकार शिक्षा कर्मी, पंचायत कर्मी को नीति बनाकर नियमित किया गया उसी प्रकार आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिकाओं को भी शासकीय कर्मचारी घोषित किया जाए। शासकीय कर्मचारी घोषित होने तक कार्यकर्ता सहायिकाओं को न्यूनतम वेतन दिया जाए साथ ही एमपी के तर्ज पर सभी सुविधाएं तत्काल लागू किया जावे, साथ ही प्रतिवर्ष 1000 रूपये मानदेय बढ़ोतरी का एग्रीमेंट किया जाए जैसे एमपी ने किया है। बुढ़ापे की सहारा के लिए सामाजिक सुरक्षा के रूप में मासिक पेंशन, बीमा, सेवानिवृति और मृत्यु पर एक मुश्त राशि, ग्रेजुवेटी का लाभ दिलाने की मांग भी प्रमुखता से उठाई जा रही है।




 मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन होगा तेज


कार्यकर्ताओं का कहना है कि वर्तमान मानदेय महंगाई के अनुरूप पर्याप्त नहीं है, जिससे परिवार का भरण-पोषण करना कठिन हो रहा है। धरना स्थल पर वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि शासन-प्रशासन द्वारा उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।उन्होंने स्पष्ट किया कि मांगें पूरी न होने की स्थिति में वे प्रदेश स्तरीय धरना प्रदर्शन व विधानसभा का घेराव  के लिए बाध्य होंगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन की होगी। धरना प्रदर्शन में प्रदेश भारतीय महासंघ के महामंत्री माधुरी रथ,जिलाध्यक्ष बिटा साहू, डामीन ज्योति, आयशा खान,कल्याणी साहू,संतोषी मंडावी,आशा गोस्वामी,सुनीता,कमला चंद्राकर,प्रभा देवी,अनीता मेश्राम सहित बड़ी सख्या में जिले भर के आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाए शामिल रही।