Korba News : SECL गेवरा में कथित ₹5,000 करोड़ कोयला घोटाला: RTI दस्तावेजों के आधार पर PMO, CBI और ED से जांच की मांग

संक्षेप

SECL गेवरा में कथित कोयला घोटाला, केंद्रीय एजेंसियों से जांच की मांग

Korba News : SECL गेवरा में कथित ₹5,000 करोड़ कोयला घोटाला: RTI दस्तावेजों के आधार पर PMO, CBI और ED से जांच की मांग

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न्यूज रूटीन @  कोरबा/बिलासपुर। विशेष संवाददाता :  साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) की गेवरा परियोजना में कथित वित्तीय अनियमितताओं और राजस्व हानि को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। आरटीआई कार्यकर्ता एवं पत्रकार जितेंद्र कुमार साहू ने सूचना के अधिकार (RTI) के तहत प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI), प्रवर्तन निदेशालय (ED), केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) सहित कई संवैधानिक एवं जांच एजेंसियों को शिकायत भेजकर विस्तृत जांच की मांग की है।

शिकायत में दावा किया गया है कि वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के दौरान कोयला स्टॉक, ट्रांजिट पास प्रक्रिया तथा सरकारी राजस्व से जुड़े मामलों में गंभीर अनियमितताएं हुईं, जिससे सरकार को हजारों करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।

कोयला स्टॉक में लाखों टन की कमी का दावा

RTI से प्राप्त Form-H एवं Form-F III का हवाला देते हुए शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि कागजी स्टॉक और भौतिक सत्यापन में लगातार अंतर दर्ज हुआ। शिकायत के अनुसार विभिन्न तिमाहियों में कुल 7.57 लाख टन कोयले की कमी दर्ज की गई, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत 150 से 200 करोड़ रुपये बताई गई है।

ट्रांजिट पास प्रक्रिया पर उठे सवाल

शिकायत में कहा गया है कि संबंधित अवधि में बड़ी मात्रा में कोयले का परिवहन हुआ, जबकि ट्रांजिट पास जारी करने की प्रक्रिया को लेकर विभागीय अभिलेखों में विसंगतियां दर्ज हैं। शिकायतकर्ता का दावा है कि लगभग 4.84 करोड़ टन कोयले के परिवहन से जुड़े रिकॉर्ड की जांच आवश्यक है और इससे 3,500 से 5,000 करोड़ रुपये तक के संभावित राजस्व नुकसान का मामला बनता है।

कई अधिकारियों की भूमिका की जांच की मांग

शिकायत में SECL गेवरा क्षेत्र के महाप्रबंधक, संचालन, वित्त, विक्रय तथा खदान प्रबंधन से जुड़े कई अधिकारियों के नामों का उल्लेख करते हुए उनकी भूमिका की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की गई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि संबंधित अधिकारियों की निगरानी में हुई प्रक्रियाओं में गंभीर अनियमितताएं हुईं।

चार प्रमुख मांगें

शिकायतकर्ता ने जांच एजेंसियों से मांग की है कि—

  • पूरे मामले की CBI या अन्य सक्षम एजेंसी से निष्पक्ष जांच कराई जाए।
  • आरोप सही पाए जाने पर भ्रष्टाचार और आर्थिक अपराध से जुड़े कानूनों के तहत कार्रवाई की जाए।
  • कथित अवैध संपत्तियों और वित्तीय लेनदेन की ED से जांच कराई जाए।
  • मामले की निगरानी न्यायालय की देखरेख में कराई जाए।

SECL का पक्ष आना बाकी

समाचार लिखे जाने तक SECL अथवा शिकायत में नामित किसी अधिकारी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हुई थी। संबंधित पक्ष का जवाब प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

(नोट: यह समाचार शिकायतकर्ता द्वारा उपलब्ध कराए गए RTI दस्तावेजों एवं शिकायतों पर आधारित है। इनमें लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और मामले में किसी सक्षम प्राधिकरण द्वारा अंतिम निष्कर्ष या दोष सिद्ध नहीं हुआ है।)