न्यूज रुटीन @ सारंगढ़-बिलाईगढ़। शहर के सबसे व्यस्त और प्रमुख क्षेत्र गढ़चौक स्थित नान कार्यालय के समीप भारी मात्रा में फ्लाई एश (राखड़) की कथित अवैध डंपिंग का मामला सामने आया है। आरोप है कि बिना प्रशासनिक अनुमति, एनओसी अथवा निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए शहर के बीचों-बीच राखड़ डंप की जा रही है। इससे न केवल पर्यावरणीय नियमों के पालन पर सवाल खड़े हुए हैं, बल्कि आम नागरिकों के स्वास्थ्य और प्रशासनिक निगरानी व्यवस्था को लेकर भी गंभीर चिंताएं सामने आई हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस पूरे मामले में एक प्रभावशाली ट्रांसपोर्टर का नाम चर्चा में है। आरोप है कि परिवहन लागत कम करने और अधिक लाभ कमाने के उद्देश्य से नियमों की अनदेखी कर लगातार फ्लाई एश डंप की जा रही है। जबकि पर्यावरणीय प्रावधानों के अनुसार फ्लाई एश के परिवहन एवं निस्तारण के लिए निर्धारित मानकों और आवश्यक अनुमतियों का पालन करना अनिवार्य है।
रिहायशी क्षेत्र में बढ़ा प्रदूषण, लोगों की बढ़ी चिंता
गढ़चौक और नान कार्यालय के आसपास का क्षेत्र घनी आबादी, व्यापारिक प्रतिष्ठानों और लगातार आवाजाही वाला इलाका है। ऐसे स्थान पर खुले में फ्लाई एश डंप होने से हवा में उड़ने वाले सूक्ष्म धूल कण आसपास के वातावरण को प्रभावित कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हल्की हवा चलते ही राखड़ उड़कर घरों, दुकानों और सड़क से गुजरने वाले लोगों तक पहुंच रही है। इससे वातावरण प्रदूषित हो रहा है तथा सांस संबंधी बीमारियों और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं की आशंका बढ़ गई है।
प्रशासन की भूमिका पर उठे सवाल
स्थानीय नागरिकों ने सवाल उठाया है कि शहर के बीचों-बीच इतनी बड़ी मात्रा में फ्लाई एश डंप किए जाने के बावजूद संबंधित विभागों और प्रशासन द्वारा अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं की गई। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते अवैध डंपिंग नहीं हटाई गई और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए बाध्य होंगे।
जांच और कार्रवाई की मांग तेज
मामला अब पूरे शहर में चर्चा का विषय बन गया है। नागरिकों ने जिला प्रशासन तथा प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े विभागों से मांग की है कि स्थल का तत्काल निरीक्षण कर निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि जांच में बिना अनुमति फ्लाई एश डंपिंग की पुष्टि होती है, तो संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए तथा शहर के बीचों-बीच फैले इस संभावित प्रदूषण स्रोत को तत्काल हटाया जाए।
नोट: इस समाचार में लगाए गए आरोप स्थानीय स्तर पर प्राप्त जानकारी और नागरिकों द्वारा उठाए गए सवालों पर आधारित हैं। संबंधित पक्ष का आधिकारिक पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाना चाहिए।