न्यूज रुटीन @ उत्तरकाशी सुरंग में फंसे सभी 41 मजदूर सुरक्षित बाहर निकाल लिए गए हैं. सिलक्यारा सुरंग में मौजूद केंद्रीय मंत्री जनरल वीके सिंह ने एएनआई से बातचीत में कहा कि हमें जिस चीज की भी जरूरत पड़ी, वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में मुहैया करवाई गई. उन्होंने कहा कि इस मिशन में जितने साधन जुटाए गए हैं, इतने साधन किसी और ऑपरेशन के लिए नहीं जुटाए गए होंगे.
इससे पहले उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि विगत 17 दिनों से चल रहे इस रेस्क्यू ऑपरेशन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पूरी तरह नजर बनाए हुए थे. पुष्कर सिंह धामी ने खुद इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि पीएम मोदी हर रोज सिलक्यारा सुरंग रेस्क्यू ऑपरेशन से जुड़ी अपडेट ले रहे थे. बचाव अभियान के सफल होने पर भी पीएम मोदी ने सीएम धामी से बात की.
मजदूरों का जिक्र कर की थी प्रार्थना करने की अपील
पीएम मोदी ने 27 नवंबर को तेलंगाना में एक कार्यक्रम के दौरान सुरंग में फंसे मजदूरों के लिए प्रार्थना करने का जिक्र किया था. इसके साथ ही पीएमओ की टीम भी मौके पर जायजा लेने पहुंची थी. पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा था कि हम देवी-देवताओं से प्रार्थना कर रहे हैं, मानवता के कल्याण की बात कर रहे हैं तो हमें अपनी प्रार्थना में उन श्रमिक भाईयों को भी स्थान देना है, जो बीते करीब दो सप्ताह से उत्तराखंड की एक टनल में फंसे हुए हैं.
पीएम मोदी ले रहे थे हर अपडेट
बचाव अभियान में लगी टीम के सदस्य कर्नल दीपक पाटिल ने एएनआई से कहा कि ये ऑपरेशन भारत की ताकत को दिखाता है. उन्होंने कहा कि रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान किसी भी संसाधन की कमी नहीं हुई. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी लगातार संपर्क में थे और इस बात का ध्यान रख रहे थे कि सभी चीजें सही तरीके से हों.
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी कहा कि पीएम मोदी समय-समय पर फोन कर अपडेट ले रहे थे. उन्होंने बताया कि पीएमओ की टीम ने स्पष्ट शब्दों में कहा था कि सुरंग के अंदर फंसे श्रमिकों की सुरक्षा के साथ-साथ बाहर राहत कार्य में लगे लोगों की सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखा जाए.
मजदूरों को सुरक्षित निकलना सर्वोच्च प्राथमिकता
सीएम धामी ने बताया कि पीएमओ की टीम ने निर्देश दिया था कि मजदूरों के टनल से बाहर निकलते ही उन्हें प्राथमिक उपचार दिया जाए. अगर किसी मजदूर की हालत खराब लगती है तो उन्हें फौरन एयरलिफ्ट कर AIIMS ऋषिकेश भेजा जाए. गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी की ओर से कहा गया था कि सभी श्रमिक भाइयों को सुरक्षित निकालना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है.