Shakti News: देवरी सरपंच, पुत्र हिमांशु सहित और तीन अधिकारियों के खिलाफ पुलिस अधीक्षक से हुई शिकायत.

संक्षेप

फर्जीवाड़ा - सरपंच का बेटा स्कूल में पढ़ते समय करता रहा मिस्त्री का काम

Shakti News: देवरी सरपंच, पुत्र हिमांशु सहित और तीन अधिकारियों के खिलाफ पुलिस अधीक्षक से हुई शिकायत.

विस्तृत खबरें

न्यूज रुटीन @ सक्ती - एक ही दिन और एक ही समय पर दो अलग-अलग जगह पर उपस्थिति दर्ज कराते हुए फर्जी तरीके से शासकीय योजना की राशि में बट्टा लगाने वाले देवरी सरपंच अनिता गबेल, पुत्र हिमांशु गबेल और विभाग के जिम्मेदार तीन अधिकारियों के खिलाफ कानूनी दंडात्मक कार्रवाई करने पुलिस अधीक्षक से शिकायत की गई है। 

क्या है पूरा मामला.

जनपद पंचायत सक्ती, जिला - सक्ती अंतर्गत ग्राम पंचायत देवरी सरपंच अनिता गबेल (अध्यक्ष - जल संग्रहण समिति देवरी) द्वारा अपने पद और अधिकार का दुरुपयोग करते हुए अपने पुत्र हिमांशु गबेल के साथ मिलकर अपने पुत्र के नाम पर प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (WDC PMKSY) में फर्जी तरीके से मस्टर रोल में नाम दर्ज कर शासकीय राशि कुल 4641 रुपए का आहरण किया है। 

पूर्व में इस मामले की शिकायत ग्राम पंचायत देवरी उप सरपंच संतोष गबेल सहित पंच तथा ग्रामवासियों द्वारा की गई थी जिसकी जांच भी हुई है। दिनांक 05/04/2024 को जांच अधिकारियों द्वारा दिए गए जांच प्रतिवेदन के निष्कर्ष क्रमांक 9 में स्पष्ट लिखा है कि हिमांशु गबेल स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल सक्ती में दर्ज 10 दिवस उपस्थिति के आधार पर एवं परीक्षा दिनांक के परीक्षा में तीन दिवस उपस्थिति के आधार पर कुल 13 दिवस की WDC PMKSY 2.0/1 में कार्यरत कार्य भी उपस्थिति आधार पर नियम विरुद्ध है, जो फर्जीवाड़ा सरपंच/अध्यक्ष श्रीमति अनिता गबेल द्वारा अपने पुत्र के नाम से किया गया है जिसकी राशि 13× 357 = 4641 रुपए का है। लेकिन आज तक कोई कार्यवाही नहीं की गई। 

हिमांशु गबेल स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल, सक्ति में कक्षा 12वीं विज्ञान संकाय का नियमित छात्र था जो दिनांक 03, 04, 06,07, 08,13 और 15 फरवरी 2023 को पढ़ाई के लिए उपस्थित था जिसकी पुष्टि स्वयं स्कूल के प्राचार्य द्वारा सत्यापित दस्तावेज के साथ की गई है। बावजूद उपरोक्त दिनांक को ही श्री हिमांशु गबेल द्वारा प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना में मिस्त्री का कार्य करते हुए मस्टर रोल दिनांक 0302/23 से 09/02/2023 एवम् 10/02/23 से 16/02/2023 तक में नाम दर्ज कर प्रति दिवस 412 रुपए की दर से कुल 2884 रुपए प्राप्त किया है जिसका खुलासा आरटीआई दस्तावेज से हुआ है। एक ही व्यक्ति का एक ही दिवस में दो अलग-अलग जगहों पर उपस्थित होकर मिस्त्री का कार्य करना और स्कूल में बैठकर पढ़ाई करना संभव ही नहीं है जो कि स्पष्ट रूप से फर्जीवाड़े को दर्शाता है।

इसके अलावा ग्राम पंचायत देवरी में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (WDC PMKSY ) अंतर्गत स्वीकृत सभी कार्यों को कराने मैदानी स्तर पर निगरानी के लिए तत्कालीन सचिव लोकनाथ तंबोली, सर्वेयर नंदलाल साहू तथा प्रोजेक्ट अधिकारी आर.एन. गांगे को नियुक्त किया था, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी ना हो सके। लेकिन इन अधिकारियों ने अपने-अपने पद एवं अधिकार का दुरुपयोग करते हुए सरपंच तथा उनके पुत्र से मिली भगत कर गलत मस्टररोल तैयार कर गलत तरीके से राशि आहरण कराया गया है जिसमें इन सभी अधिकारियों का हस्ताक्षर भी दर्ज है।
    
मामले का खुलासा होने एवं शिकायत दर्ज कराने के बावजूद विभाग के जिम्मेदार अधिकारी सहित जांच के  लिए जिम्मेदारी दिए गए अधिकारियों के द्वारा मामले को दबाते हुए फर्जीवाड़ा करने वालों को बचाने का प्रयास किया गया है। इस मामले को लेकर फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी दंडात्मक कार्रवाई करने के लिए पुलिस अधीक्षक सक्ती से लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए कार्रवाई की मांग की गई है।

कलेक्टर आदेश के बाद भी जांच हो रहा प्रभावित

इस पूरे मामले की जांच के लिए कलेक्टर सक्ती द्वारा एसडीएम सहित तीन अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी थी। लेकिन इन अधिकारियों द्वारा जांच में खानापूर्ति कर दी गई जिसके कारण मामले में फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं हो सकी है। माना जा रहा है कि सरकारी पैसों का बंदर बाट करने वालों की प्रशासनिक अधिकारियों से मिली भगत हो गई है और अगर यह बात सही है तो फिर अपने कर्तव्यों के प्रति जवाबदेही ना होकर कलेक्टर के आदेशों को भी दरकिनार करने वाले अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी? बड़ा सवाल है। 

इन अधिकारियों के खिलाफ हुई नामजद शिकायत.

इस पूरे मामले में शिकायतकर्ता ने ग्राम पंचायत देवरी सरपंच अनिता गबेल, पुत्र हिमांशु गबेल, सचिव लोकनाथ तंबोली, सर्वेयर नंदलाल साहू और प्रोजेक्ट ऑफिसर आर. एन. गांगे के खिलाफ कानूनी दंडात्मक कार्रवाई करने नामजद शिकायत की गई है।

क्या होगा अपराध दर्ज?

पूरा मामला सरकारी योजना की राशि का गलत तरीके से आहरण एवं भुगतान करने का है जिसमें प्राप्त दस्तावेज फर्जीवाड़ा को प्रमाणित भी कर रहा है। ऐसे में कयास लगाई जा रही है कि सभी के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध होना तय है और शासकीय राशि की वसूली भी की जा सकती है।

हिमांशु कहां बना मुन्ना भाई?

इस पूरे मामले में सरपंच पुत्र हिमांशु गबेल की भूमिका मुन्ना भाई की तरह नजर आ रही है। एक तरफ जहां हिमांशु को स्वामी आत्मानंद स्कूल में उक्त दिनांक को उपस्थित होकर पढ़ाई करने की पुष्टि प्राचार्य द्वारा की जा रही है, वहीं स्वयं हिमांशु गबेल की मां जो की सरपंच के साथ - साथ जल ग्रहण मिशन योजना की अध्यक्ष भी है के द्वारा मस्टर रोल में नाम दर्ज करवाते हुए मिस्त्री का कार्य करने की जानकारी दर्ज कर राशि भुगतान कराया गया है। ऐसे में हिमांशु गबेल कहां पर मुन्ना भाई बना इसकी भी जांच होनी चाहिए? ऐसे में मुन्ना भाई का सहयोग करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई होनी तय है।