न्यूज रुटीन @ कोंडागांव/केशकाल। बस्तर के घने जंगलों से निकलकर अब खेतों में पांव पसार रहा नशीला कारोबार। मुखबिर की सूचना पर पुलिस-राजस्व की संयुक्त टीम ने केशकाल विकासखंड के ग्रामीण इलाके में फिल्मी अंदाज में छापा मारा। मक्के की ऊंची फसलों के बीच छिपे सैकड़ों बड़े गांजे पौधों को जड़ से उखाड़ फेंका। दो शातिर किसानों को रंगे हाथों पकड़ा, फसल की कीमत लाखों में।
छिपी रणनीति नाकाम
आरोपियों ने चतुराई से गांजे को मक्के की घनी पंक्तियों में बोया था—बाहर से कोई शक न हो। पौधे कटाई के लायक परिपक्व हो चुके थे। टीम ने घेराबंदी कर खेत का मिनट मिनट मुआयना किया, जमीन सीमांकन के साथ फसल जब्त की।
गिरफ्तारी व जांच का दायरा
गिरफ्तार किसानों ने खुद इस 'काली खेती' का जिम्मा लिया। पुलिस अब पूछताछ में सप्लाई चेन खंगाल रही—गांजा शहरों तक कैसे पहुंचना था, पीछे बड़े तस्कर कौन। NDPS एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई तय।
बस्तर में 'ग्रीन स्मगलिंग' का खतरा
क्षेत्र में चिंता बढ़ी—तस्कर जंगलों छोड़ रिहायशी खेतों पर नजर। मक्के-अरहर जैसी फसलों का कवर पुरानी तरकीब, लेकिन अब ज्यादा खतरनाक। स्थानीय पुलिस अलर्ट, और ऐसी कार्रवाइयों को तेज करने का ऐलान।